प्रतिनिधि, दुमका. रक्षाबंधन के अवसर पर 28 अगस्त को स्कूलों में अवकाश रद्द किए जाने के शिक्षा विभाग के निर्णय को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं. दुमका जिले के सरकारी एवं सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक विद्यालयों में 28 अगस्त को नियमित रूप से विद्यालय संचालित करने का निर्देश दिया गया है. इसी दिन ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ कार्यक्रम के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जानी हैं.
खेल कार्यक्रम के लिए रद्द किया गया अवकाश
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ कार्यक्रम 28 से 30 अगस्त तक आयोजित किया जाना है. इसी वजह से 28 अगस्त को पड़ने वाले रक्षाबंधन के अवकाश को रद्द कर दिया गया है. आदेश में कार्यक्रम के कारण विद्यालय आने वाले शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को नियमानुसार क्षतिपूरक अवकाश देने का भी प्रावधान बताया गया है.
हालांकि, शिक्षक संघ का कहना है कि शिक्षकों को क्षतिपूरक अवकाश मिल सकता है, लेकिन बच्चों के लिए रक्षाबंधन जैसे पारिवारिक और सामाजिक पर्व की भरपाई कैसे होगी, यह सवाल महत्वपूर्ण है.
रक्षाबंधन का सामाजिक महत्व भी अहम
झारखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य प्रवक्ता डॉ. संजीव कुमार मिश्र ने कहा कि कुछ पर्व केवल सरकारी कैलेंडर या पोथी-पंजी तक सीमित नहीं होते, बल्कि उनके साथ बच्चों और परिवारों की भावनाएं जुड़ी होती हैं. रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और आपसी लगाव का पर्व है, जिसका सामाजिक और नैतिक महत्व भी है.
उन्होंने कहा कि खेलकूद और फिटनेस गतिविधियों का अपना महत्व है, लेकिन रक्षाबंधन के पर्व को इसके ऊपर नहीं रखा जाना चाहिए. दोनों गतिविधियों का अपना विशिष्ट महत्व है और शैक्षिक संदर्भ में भी दोनों के महत्व को समझने की जरूरत है.
28 की जगह 29 से 31 अगस्त तक कार्यक्रम कराने की मांग
झारखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य प्रवक्ता डॉ. संजीव कुमार मिश्र ने विभाग से ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ कार्यक्रम को एक दिन आगे बढ़ाने की मांग की है. उन्होंने सुझाव दिया है कि कार्यक्रम 29 से 31 अगस्त तक कराया जाए.
उनका कहना है कि इससे बच्चों को रक्षाबंधन का पर्व मनाने से वंचित नहीं होना पड़ेगा और विभाग की ओर से निर्धारित खेल एवं जागरूकता कार्यक्रम भी पूरे किए जा सकेंगे. इससे पर्व और विद्यालयी गतिविधियों के बीच बेहतर समन्वय भी बनाया जा सकता है.
