दुमका स्टेशन से कोयला डंपिंग यार्ड हटाने की मांग संवाददाता, दुमका दुमका रेलवे स्टेशन परिसर में संचालित कोयला डंपिंग यार्ड को हटाने की मांग को लेकर सोमवार को अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्या व पूर्व मेयर डॉ आशा लकड़ा को ज्ञापन सौंपा गया. ज्ञापन सामाजिक कार्यकर्ता रवि शंकर मंडल की ओर से सौंपा गया, जो पिछले पांच वर्षों से इस मुद्दे को लेकर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं. ज्ञापन में कहा गया है कि दुमका रेलवे स्टेशन घनी आबादी वाले क्षेत्र के बीच स्थित है. इसके बावजूद डब्ल्यूपीडीसीएल व उसकी सहयोगी कंपनी बीजीआर द्वारा यहां कोयला डंपिंग यार्ड संचालित किया जा रहा है. इससे आसपास रहने वाले हजारों लोगों को प्रदूषण की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही क्षेत्र के कई शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. रवि शंकर मंडल ने बताया कि इस मामले की प्रतिलिपि रेल मंत्री को भी भेजी गयी है. उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग पिछले कई वर्षों से यार्ड को आबादी वाले क्षेत्र से हटाने की मांग कर रहे हैं. इस संबंध में प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी कई बार ज्ञापन सौंपा जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है. उन्होंने कहा कि कोयला डंपिंग यार्ड के कारण क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर बढ़ा है, जिससे लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर इसका असर पड़ रहा है. श्री मंडल ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्या आशा लकड़ा से मामले में हस्तक्षेप कर कोयला डंपिंग यार्ड को वर्तमान स्थल से हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित कराने की दिशा में पहल करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि जनहित, पर्यावरण संरक्षण और लोगों के स्वास्थ्य को देखते हुए समस्या का जल्द समाधान किया जाना चाहिए.
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्या को सौंपा ज्ञापन
आसपास रहने वाले हजारों लोगों को प्रदूषण की समस्या का सामना करना पड़ रहा है.
