रानीश्वर. पर्यटन स्थल मसानजोर डैम के नीचे कभी पर्यटकों से गुलजार रहने वाला फूल बगीचा अब बदहाली का शिकार है. रंग-बिरंगे फूलों, झाऊ के पौधों और पानी के फव्वारे से सजा यह बगीचा कभी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र हुआ करता था. बगीचे के रखरखाव के लिए माली भी तैनात था, लेकिन अब देखरेख की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण पूरा परिसर वीरान पड़ा है.
गेट पर लटका ताला, पर्यटकों की आवाजाही बंद
फूल बगीचे के मुख्य गेट पर लंबे समय से ताला लटका हुआ है. बगीचे में पर्यटकों की आवाजाही भी पूरी तरह बंद हो चुकी है. कभी जहां लोग फूलों और हरियाली के बीच समय बिताने पहुंचते थे, वहीं अब पूरे परिसर में झाड़ी और जंगल उग आए हैं. बगीचे की स्थिति देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि लंबे समय से इसकी साफ-सफाई और रखरखाव नहीं हुआ है.
सात साल पहले खर्च की गई थी बड़ी राशि
मसानजोर डैम झारखंड की जमीन पर स्थित है, लेकिन इसका संचालन पश्चिम बंगाल सरकार के अधीन है. डैम की देखरेख पश्चिम बंगाल सरकार के सिंचाई विभाग की ओर से की जाती है. करीब सात साल पहले पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से डैम के नीचे स्थित फूल बगीचे के सौंदर्यीकरण पर बड़ी राशि खर्च की गई थी.
उस समय बगीचे को आकर्षक ढंग से सजाया गया था. परिसर में रंग-बिरंगे फूलों के पौधे लगाए गए थे और पर्यटकों के लिए इसे खूबसूरत स्वरूप दिया गया था. इससे मसानजोर पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए यह बगीचा आकर्षण का एक नया केंद्र बन गया था.
कंट्रोल रूम निर्माण के दौरान तहस-नहस हुआ बगीचा
बगीचे के सौंदर्यीकरण के बाद उसी परिसर में डैम का कंट्रोल रूम बनाने का काम शुरू हुआ. भवन निर्माण सामग्री ट्रैक्टर के जरिए पहुंचाए जाने के दौरान फूल बगीचे को काफी नुकसान पहुंचा. ट्रैक्टरों की आवाजाही और निर्माण कार्य के कारण बगीचे की खूबसूरती पूरी तरह प्रभावित हो गई.
निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी बगीचे को दोबारा विकसित करने और उसके रखरखाव की दिशा में कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई. धीरे-धीरे फूलों के पौधे खत्म होते गए और पूरा परिसर झाड़ियों से भर गया.
देखरेख के अभाव में बर्बाद हो रहा पर्यटन संसाधन
मसानजोर डैम दुमका जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है और यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं. ऐसे में डैम के नीचे विकसित फूल बगीचे की बदहाल स्थिति पर्यटन की संभावनाओं पर भी असर डाल रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बगीचे की दोबारा साफ-सफाई कराकर सौंदर्यीकरण किया जाए और नियमित रखरखाव की व्यवस्था हो, तो यह स्थल एक बार फिर पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन सकता है.
