घर-घर जाकर निःशक्त पेंशनरों को दिया जीवन प्रमाण-पत्र

अब पेंशनरों को न तो फॉर्म भरना पड़ता है न ही पीपीओ, आधार आदि का छाया प्रति भी नहीं जमा करना पड़ रहा.

संवाददाता, दुमका एसबीआइ दुमका में डिजिटली जीवन प्रमाण-पत्र प्राप्त किया जा रहा है. अब पेंशनरों को न तो फॉर्म भरना पड़ता है न ही पीपीओ, आधार आदि का छाया प्रति भी नहीं जमा करना पड़ रहा. पेंशनर सिर्फ आधार नंबर व आधार से जुड़ा मोबाइल लेकर आराम से बैंक में आते हैं. थोड़े ही देर इंतजार के बाद डिजिटली जीवन प्रमाण-पत्र समर्पित कर चले जाते हैं. बैंक के द्वारा डिजिटल प्रमाण-पत्र लेने से पेंशनरों को सुविधा हुई है. हालांकि पहले दिन थोड़ी दिक्कत रोशनी को लेकर अवश्य हुई, परंतु कुछ ही देर बाद रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था कर दी गयी. बैंककर्मी पेंशनर शाखा के प्रभारी अजीत कुमार एवं सहायक शाखा प्रबंधक चंपा के द्वारा लगातार दो जगह महिलाओं एवं पुरुषों का जीवन प्रमाण-पत्र अलग-अलग लेने का काम किया जा रहा है. पेंशनर समाज के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत ठाकुर, सचिव तारिणी प्रसाद कामत, कोषाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्रा, कार्यालय सचिव सीताराम यादव, राधे मिस्त्री एवं प्राण मोहन मुर्मू आदि सदस्यों ने घंटों बैंक में रहकर सहयोग प्रदान किया. बैंक के दोनों कर्मियों को धन्यवाद दिया. समाज के पदाधिकारियों ने पेंशनरों से अपील की है कि सभी जल्द ही अपना जीवन प्रमाण-पत्र समर्पित कर दें. इसके लिए आधार कार्ड व पासबुक तथा आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर लेकर बैंक आना सुनिश्चित करें. डिजिटल प्रमाण-पत्र को लेकर पेंशनर समाज कार्यालय में मीडिया प्रभारी कुंदन झा तथा कोषाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्रा द्वारा भी सहयोग किया जा रहा है. सूचना प्राप्त होने पर अस्वस्थ पेंशनरों को घर पर जाकर भी कुंदन झा के द्वारा जीवन प्रमाण-पत्र प्रदान करने की कार्रवाई ऑनलाइन की जा रही है. समाज ने सदस्यों से अपील की है कि अगर कोई पेंशनर अस्वस्थ हैं जिनको सहयोग की जरूरत है तो वह समाज कार्यालय में इसकी जानकारी दें.

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By ANAND JASWAL

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