अजय परासर ने दी भगवान राम के आदर्शों को अपनाने की सीख

कथा वाचक से श्रीराम कथा सुन श्रद्धालु भाव विभोर हो जा रहे हैं. चौथे दिन बनारस से पहुंचे यज्ञाचार्य हरेंद्र शास्त्री जी महाराज, उनके सहयोगी पीयूष द्विवेदी, अरविंद पाण्डेय ने हवन कुंड में आहुति दिलायी.

प्रतिनिधि, बासुकिनाथ विश्व कल्याणार्थ व समाज में सुख शांति व समृद्धि के लिए जरमुंडी प्रखंड के कुशमाहा बाराटांड़ मैदान में रविवार को शिवशक्ति महायज्ञ व रामकथा के चौथे दिन भक्तों की भीड़ लगी. कथा सुनने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो रही है. श्रीराम कथा के अमृत वर्षा में श्रद्धालु गोता लगा रहे हैं. कथा वाचक से श्रीराम कथा सुन श्रद्धालु भाव विभोर हो जा रहे हैं. चौथे दिन बनारस से पहुंचे यज्ञाचार्य हरेंद्र शास्त्री जी महाराज, उनके सहयोगी पीयूष द्विवेदी, अरविंद पाण्डेय ने हवन कुंड में आहुति दिलायी. बनारस से पहुंचे कथा वाचक अजय परासर जी महाराज ने कथा में राम-सीता विवाह का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसमें शिव धनुष को तोड़ने और परशुराम के आगमन जैसे प्रसंग से जीवन में भगवान राम के आदर्शों को अपनाने की सीख दी. भगवान श्रीराम ने अपने उत्कृष्ट आचरण से अखिल विश्व को मानवता, प्रेम तथा पारिवारिक एवं सामाजिक मर्यादा का संदेश दिया. कहा : रामचरित मानस सत्य से विचलित मानवता को युग-युगांतर तक सही मार्ग दिखाता रहेगा. यज्ञ के सफल संचालन में मुखिया दामोदर गृही, बरुण कुमार मिश्रा, संजीत यादव, उदित कुमार मिश्रा, कृपाशंकर मिश्रा, कांग्रेस राय, जगदीश मंडल, महाराजी राउत, राजेंद्र राय, भरत कापरी आदि लगे हैं.

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By ANAND JASWAL

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