दुमका : श्रावणी मेले में बाबा के दरबार पहुंचने की आस्था के बीच श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं. दुमका की सड़कों पर पिकअप वाहनों में क्षमता से अधिक श्रद्धालुओं को सवार कर यात्रा करायी जा रही है. कई वाहनों में डबल डेकर बनाकर श्रद्धालुओं को ऊपर बैठाया जा रहा है. ऐसे में आस्था की यह यात्रा कभी भी हादसे में बदल सकती है.
देवघर और बासुकीनाथ धाम में जलार्पण के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में कांवरिया और श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. बिहार समेत आसपास के राज्यों से आने वाले श्रद्धालु विभिन्न वाहनों से दुमका होकर गुजर रहे हैं. इसी दौरान पिकअप वाहनों में निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक लोगों को बैठाने के साथ ऊपर अलग से अस्थायी डेक बनाकर श्रद्धालुओं को बैठाने के मामले सामने आ रहे हैं.
ऊंचाई पर बैठकर सफर करना जोखिम भरा
पिकअप वाहनों के ऊपर अस्थायी डेक बनाकर श्रद्धालुओं को बैठाना बेहद जोखिम भरा है. अचानक ब्रेक लगने, वाहन के असंतुलित होने या किसी दुर्घटना की स्थिति में ऊपर बैठे श्रद्धालुओं के नीचे गिरने का खतरा बना रहता है. इससे गंभीर हादसा हो सकता है. इसके बावजूद कई वाहन चालक अधिक यात्रियों को बैठाकर यात्रा करा रहे हैं.
श्रावणी मेले के दौरान दुमका की सड़कों पर श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही बढ़ गयी है. ऐसे में प्रशासन और परिवहन विभाग को प्रमुख मार्गों पर वाहनों की जांच और निगरानी बढ़ाने की जरूरत है. क्षमता से अधिक श्रद्धालुओं को बैठाने और वाहनों में अवैध रूप से डेक बनाने वाले चालकों पर कार्रवाई जरूरी है.
आस्था की इस यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है. थोड़ी सी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. इसलिए वाहन चालकों के साथ श्रद्धालुओं को भी सुरक्षित यात्रा के प्रति जागरूक होने की जरूरत है.
