दुमका कोर्ट : अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी मोहित चौधरी की अदालत में मंगलवार को जरमुंडी के तत्कालीन अंचलाधिकारी राज कुमार प्रसाद और नीतू झा से जुड़े दो मामलों की एक साथ सुनवाई हुई. इस दौरान दोनों पक्षों ने आपसी सुलह-समझौते की इच्छा जताई. इस पर न्यायालय ने दोनों मामलों को मध्यस्थता (मीडिएशन) के लिए भेजने का निर्देश दिया.
दोनों पक्षों ने जताई सुलह-समझौते की इच्छा
नीतू झा की ओर से परिवाद संख्या 1696/2022 दाखिल किया गया था, जबकि तत्कालीन अंचलाधिकारी राज कुमार प्रसाद ने जरमुंडी थाना में कांड संख्या 89/2022 दर्ज कराया था. अंचलाधिकारी के मामले में सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगाया गया था.
समझौते के लिए तिथि निर्धारित करने का अनुरोध
जमानत की सुनवाई के दौरान राज कुमार प्रसाद की ओर से अधिवक्ता निशिकांत प्रसाद ने अदालत को बताया कि वे परिवादिनी के साथ सुलह-समझौता करना चाहते हैं. इसके लिए समझौते की प्रक्रिया पूरी करने हेतु तिथि निर्धारित करने का अनुरोध किया गया. दोनों पक्षों की सहमति पर न्यायालय ने मामलों को मीडिएशन के लिए भेज दिया.
क्या है मामला
नीतू झा के परिवाद के अनुसार, 8 अक्टूबर 2022 को भालकी गांव के समीप मारुति कुमारी की मौत के बाद ग्रामीण सड़क जाम कर विरोध कर रहे थे. इसी दौरान तत्कालीन अंचलाधिकारी अपने सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंचे और जाम हटाने का प्रयास किया. आरोप है कि विरोध करने पर नीतू झा के साथ गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और मारपीट की गई.
अंचलाधिकारी ने दर्ज कराया था सरकारी काम में बाधा का मामला
वहीं, इसी घटनाक्रम को लेकर तत्कालीन अंचलाधिकारी की ओर से सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज कराया गया था. अब दोनों मामलों में पक्षकारों की ओर से सुलह की पहल किए जाने के बाद न्यायालय ने उन्हें मध्यस्थता के लिए भेज दिया है.
