दुमका. कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले शिकारीपाड़ा थाना के दारोगा हेमंत भगत को गुरुवार को दुमका पुलिस लाइन केंद्र में शोक सलामी देते हुए अंतिम विदाई दी गयी. इससे पहले पीजेएमसीएच दुमका में पोस्टमार्टम के बाद उनका पार्थिव शरीर पुलिस लाइन लाया गया, जहां वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, जवानों और पुलिस संगठनों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की. श्रद्धांजलि समारोह में पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर) विजय कुमार महतो, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) दुमका इकुड डुंगडु्ंग, परिचारी प्रवर पुलिस केंद्र रमेश मंडल, पुलिस इंस्पेक्टर सह नगर थाना प्रभारी जगन्नाथ धान, शिकारीपाड़ा थाना प्रभारी अमित कुमार लकड़ा, जामा थाना प्रभारी अजीत कुमार, पुलिस एसोसिएशन और पुलिस मेंस एसोसिएशन के पदाधिकारी उपस्थित रहे. सभी ने पुष्प अर्पित कर दिवंगत दारोगा के प्रति सम्मान व्यक्त किया. सलामी के बाद दारोगा हेमंत भगत का पार्थिव शरीर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके परिजनों को सौंप दिया गया. परिजन शव को लेकर उनके पैतृक गांव लोहरदगा जिला अंतर्गत भंडड़ा थाना क्षेत्र के सेमरा पोड़ाह के लिए रवाना हो गए. घायल कांस्टेबल बेहतर इलाज के लिए बाहर रेफर : इधर, इसी हादसे में गंभीर रूप से घायल कांस्टेबल दीपक प्रजापति का इलाज पीजेएमसीएच दुमका में किया गया. स्कॉर्पियो की टक्कर से उनका एक हाथ टूट गया है और शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आयी हैं. चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए बाहर रेफर कर दिया, जिसके बाद परिजन उन्हें लेकर उच्च चिकित्सा केंद्र रवाना हो गए. बता दें कि घटना 31 दिसंबर की देर रात शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के नलहची पुल के पास घटी थी. गिट्टी लदे दो ट्रकों के बीच टक्कर के बाद सड़क पर जाम की स्थिति बन गई थी. सूचना पर दारोगा हेमंत भगत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद वे पुनः घटनास्थल पर लौटे और यातायात बहाल कराने में जुट गए. इसी दौरान दुमका की ओर से आ रही एक अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी. हादसे में दारोगा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गया.
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