Lead News: महिलाओं को लघु व कुटीर उद्योग से जोड़ कर समाज में आत्मनिर्भर बनाने की हो पहल

नगर पंचायत बासुकिनाथ अंतर्गत हथनंगा गांव में प्रभात खबर की और से महिला संवाद का आयोजन किया गया. इसमें ग्रामीण व स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने भाग लिया. इस दौरान महिलाओं ने आत्मनिर्भर बनने को लेकर अपने-अपने विचार व्यक्त किये.

सुझाव. हथनंगा के प्रभात खबर महिला संवाद में समस्याओं पर चर्चा, कहा महिला संवाद प्रतिनिधि, बासुकिनाथ नगर पंचायत बासुकिनाथ अंतर्गत हथनंगा गांव में प्रभात खबर की और से महिला संवाद का आयोजन किया गया. इसमें ग्रामीण व स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने भाग लिया. इस दौरान महिलाओं ने आत्मनिर्भर बनने को लेकर अपने-अपने विचार व्यक्त किये. ग्रामीण स्तर पर व्याप्त समस्याओं पर चर्चा की गयी. महिला संवाद का उद्देश्य विचारों व समस्याओं को जानने के लिए मंच प्रदान करना है. गांव की महिलाओं ने मुख्य रूप से वृद्धा एवं विधवा पेंशन, कुटीर उद्योग, मंईयां सम्मान योजना, सामुदायिक शौचालयों की स्थापना, प्रधानमंत्री आवास योजना और बिजली, पेयजल के लिए चापानल की सुविधा, नाली-गली निर्माण तथा सामुदायिक भवनों की मांग प्रमुखता से उठायी. महिलाओं ने क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया. विकास की दिशा में सुझाव दिया. महिलाओं ने बताया कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का समुचित तरीके से लाभ महिलाओं को नहीं मिल रहा है. गरमी में पेयजल की किल्लत हो रही है. सप्लाइ पानी नहीं मिल रहा है. चापानल नहीं चल रहा है. सभी को आवास योजनाओं का लाभ नहीं मिला है. पेंशन का लाभ जरूरतमंदों को नहीं मिल रहा है. नपं के सफाईकर्मी साफ-सफाई के लिए गांव नहीं पहुंचते हैं. नालियों की नियमित साफ-सफाई नहीं होती है. समूह की महिलाओं ने बताया कि आजीविका के नाम से जाने वाला राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) का उद्देश्य गरीब ग्रामीण लोगों को सतत आजीविका संवर्द्धन और बेहतर वित्तीय सेवा के माध्यम से सक्षम प्लेटफाॅर्म प्रदान करना है. ताकि महिलाओं की घरेलू आय को बढ़ाया जा सके, लेकिन नपं में इसका लाभ नहीं दिख रहा है. प्रभात खबर द्वारा आयोजित प्रभात संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेकर सभी महिलाएं बहुत खुश दिखीं. क्या कहती हैं गांव की महिलाएं एनआरएलएम के तहत नपं में अगरबत्ती बनाने का प्रशिक्षण दिया गया. मशाला, परफ्यूम आदि मेटेरियल मिला. अगरबत्ती बनाकर पैकिंग कर नपं को दिया. लेकिन मार्केटिंग के अभाव में आर्थिक लाभ नहीं मिल पाया. इस दिशा में कोई पहल नहीं की गयी. लाखो देवी महिलाएं रोजगार से जुड़ना चाहती है. लेकिन जानकारी के अभाव में इसका लाभ नहीं मिल पाता है. सरकार की और से किसी तरह की सहायता राशि नहीं मिलती है. शहरी क्षेत्र होने के कारण सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है. सुषमा देवी प्रधानमंत्री आवास योजना का एक बार पैसा मिला है, उसके बाद नपं द्वारा पैसा नहीं दिया जा रहा है. आधा अधूरा घर बना है. कार्यालय का चक्कर लगा रही हूं. संबंधित कर्मी कहते हैं. अभी सरकार द्वारा आवास योजना का पैसा नहीं भेजा गया है. पहल हो. द्रौपदी देवी सरकार द्वारा गांव क्षेत्र में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए जागरुकता अभियान चलाने की जरूरत है. पढ़ी-लिखी गांव की बहू-बेटियां घर में बेकार बैठी रहती है. कुटीर उद्योग से जोड़ कर ऐसी महिलाओं को समाज में स्वावलंबी बनाया जा सकता है. रेणु देवी गांव में पेयजल का संकट है. सप्लाइ जल नहीं मिलता है. चापानल खराब है. जल स्तर नीचे चले जाने के कारण पानी नहीं निकल रहा है. जलापूर्ति के लिए पाइपलाइन भी नहीं बिछायी गयी है. गरीब महिला को कोई पानी कनेक्शन नहीं मिलता है. स्टैंड पोस्ट लगे. गैना देवी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उसे कुटीर उद्योग से जोड़ने की जरूरत है. ताकि उसकी आमदनी को बढ़ाया जा सके. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत नपं में कई स्वयं सहायता समूह संचालित है. प्रशिक्षण दिया गया पर लाभ नहीं मिला. रीता देवी समाज में व्याप्त अधिकांश कुरीतियों से महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित होती है. सरकार के प्रोत्साहन के कारण लड़कियों को पढ़ने में सहयोग मिला है. महिलाओं को शिक्षा व नौकरी में जाकर देख खुशी होती है. शिक्षित महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की जरूरत है. बेबी देवी रोजगार के लिए उनके बच्चे दूर प्रदेश न जायें. बल्कि स्थानीय स्तर पर ही रोजगार की व्यवस्था हो. सरकार को योजनाओं का लाभ लेकर महिलाएं स्वरोजगार और उद्यम के क्षेत्र में कदम बढ़ाना चाहती है. कोई सहायता नहीं दी जा रही है.आर्थिक सहयोग मिले. रानी देवी

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Published by: Anand jaswal

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