बाल विवाह के खिलाफ मुहिम को अंतरराष्ट्रीय पहचान,काठीकुंड में गूंजी बदलाव की आवाज

काठीकुंड में बाल विवाह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को मिली अंतरराष्ट्रीय मान्यता का जश्न मनाया गया. इस अवसर पर उत्कृष्ट योगदान देने वाले जनप्रतिनिधियों को सम्मानित कर बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया गया.

प्रतिनिधि, काठीकुंड. बाल विवाह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलने की खुशी में शनिवार को काठीकुंड में ग्राम ज्योति संस्था की ओर से उत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेते हुए अभियान में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया.

नलिन सोरेन, आलोक सोरेन और जॉयस बेसरा सम्मानित

ग्राम ज्योति के जिला समन्वयक मुकेश दुबे ने दुमका सांसद नलिन सोरेन, शिकारीपाड़ा विधायक आलोक सोरेन और जिला परिषद अध्यक्ष जॉयस बेसरा को अभियान में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया. सांसद नलिन सोरेन ने अभियान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता पर प्रसन्नता जताते हुए ग्राम ज्योति संस्था के प्रयासों की सराहना की.

उन्होंने कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी. सामूहिक प्रयासों से ही बाल विवाह जैसी कुप्रथा का पूरी तरह अंत संभव है.

युवाओं की भूमिका अहम, मिलकर लड़नी होगी कुरीति से जंग

विधायक आलोक सोरेन ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि बाल विवाह के खिलाफ लड़ाई में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस, ग्रामीण स्तर के जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से आपसी समन्वय स्थापित कर इस कुरीति के खिलाफ लगातार आवाज उठाने की अपील की.

जिला परिषद अध्यक्ष जॉयस बेसरा ने भी ग्राम ज्योति संस्था की ओर से किए जा रहे कार्यों की सराहना की. उन्होंने कहा कि बाल विवाह को पूरी तरह समाप्त करने के लिए सभी हितधारकों को मिलकर काम करना होगा. उन्होंने उपस्थित लोगों से बाल विवाह मुक्त समाज और बाल विवाह मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लेने की अपील की.

27 नवंबर 2024 से शुरू हुआ था व्यापक अभियान

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला समन्वयक मुकेश दुबे ने बताया कि 27 नवंबर 2024 से पूरे देश में बाल विवाह के खिलाफ व्यापक अभियान की शुरुआत की गई थी. अभियान में जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन, पुलिस पदाधिकारियों, शिक्षण संस्थानों, आंगनबाड़ी केंद्रों और बाल संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत स्वयंसेवी संगठनों समेत विभिन्न हितधारकों ने भागीदारी निभाई.

उन्होंने बताया कि ‘जस्ट राइट’ छतरी के तहत चलाए जा रहे इस अभियान को 5 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र स्तर पर मान्यता मिली है. उन्होंने कहा कि अब प्रत्येक वर्ष 27 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय बाल विवाह मुक्त विश्व दिवस के रूप में मनाने की दिशा में पहल की जाएगी.

अभियान को आगे बढ़ाने का लिया संकल्प

कार्यक्रम को सफल बनाने में ग्राम ज्योति संस्था के परियोजना समन्वयक रामकृष्ण झा, जिला समन्वयक मुकेश दुबे और सोमनाथ पाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही. मौके पर जेएमएम प्रखंड अध्यक्ष अब्दुल जब्बार अंसारी, विधायक के पीए रजनीश कुमार, संदीप सोरेन, मिंटू भगत समेत अन्य मौजूद रहे.

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By Abhishek

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