दुमका. झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की बैठक महासंघ कार्यालय रांची के डोरंडा में हुई. बैठक में पशुपालन विभाग के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया. इस दौरान पशुपालन विभाग में चिकित्सकों के संवर्ग के पुनर्गठन के बाद क्षेत्रीय कार्यालयों के कर्मचारियों के पदों की मैपिंग किए जाने के कारण वेतन भुगतान प्रभावित होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया. कर्मचारियों ने कहा कि कार्यालयों की मैपिंग के नाम पर वेतन और भत्ते रोककर रखना गंभीर मामला है.
चिकित्सकों के वेतन और प्रोन्नति पर उठे सवाल
महासंघ के महासचिव भूषण कुमार ने आरोप लगाया कि नियमों की अनदेखी करते हुए पशुपालन विभाग ने सरकार को गुमराह कर पशु चिकित्सकों के वेतन में वृद्धि और प्रोन्नति से संबंधित नियमावली तैयार करायी है. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के स्वीकृत पदों को भी कथित तौर पर समाप्त किया गया है. उन्होंने चिकित्सकों का वेतन बढ़ाने को नियम विरुद्ध बताते हुए इसकी जांच की मांग की.
नियुक्ति और प्रोन्नति बंद होने का आरोप
भूषण कुमार ने कहा कि झारखंड गठन के 26 वर्षों बाद भी कर्मचारियों के कई पदों पर नियुक्तियां बंद हैं और प्रोन्नति की प्रक्रिया प्रभावित है. कई कार्यालयों को भी बंद कर दिया गया है. उन्होंने इसे कर्मचारियों के हितों से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए कहा कि महासंघ इसका विरोध करता है. बैठक में संकल्प संख्या 739, दिनांक 19 जून 2026 को रद्द करने की मांग की गयी.
सेवानिवृत्त चिकित्सकों को अनुबंध पर रखने पर सवाल
बैठक में सेवानिवृत्त चिकित्सकों को अनुबंध पर रखने का मामला भी उठाया गया. महासंघ के महासचिव ने आरोप लगाया कि सेवानिवृत्त चिकित्सकों को बिना काम के अनुबंध पर रखकर प्रतिमाह 50 से 60 हजार रुपये तक का भुगतान किया जा रहा है. उन्होंने इसे अनुचित बताते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की.
महासंघ ने चिकित्सकों की प्रोन्नति प्रक्रिया, कर्मचारियों के स्वीकृत पदों को समाप्त किए जाने तथा क्षेत्रीय कार्यालयों की व्यवस्था में किए जा रहे बदलाव की जांच की मांग की. साथ ही कर्मचारियों के वेतन-भत्ते का भुगतान सुनिश्चित करने और कर्मचारियों के हितों से जुड़े मामलों का शीघ्र समाधान करने की मांग की.
