बासुकिनाथ : राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव 2026 के 21वें दिन मंगलवार को मूसलाधार बारिश के बावजूद बासुकिनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. तेज बारिश भी देशभर से पहुंचे कांवरियों की आस्था और उत्साह को नहीं डिगा सकी. शिवगंगा घाट से मंदिर परिसर तक कांवरियों की लंबी कतारें लगी रहीं और पूरा धाम बोल बम तथा हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा. मंगलवार को दोपहर 1:58 बजे बाबा बासुकिनाथ के गर्भगृह का पट खोला गया।
बारिश में भी अटूट आस्था, 1.78 लाख ने किया जलार्पण
सरकारी पूजा के बाद करीब दो बजे से कांवरियों के लिए जलार्पण शुरू हुआ. मंदिर प्रबंधन के अनुसार, कुल 1,78,875 श्रद्धालुओं ने बाबा फौजदारीनाथ पर जल अर्पित किया. इनमें 1,51,382 कांवरियों ने अरघा के माध्यम से और 27,493 श्रद्धालुओं ने जलार्पण काउंटर के जरिए पूजा की. काउंटर पर आठ एलईडी स्क्रीन के माध्यम से गर्भगृह में होने वाले जलार्पण का लाइव दर्शन कराया गया. मूसलाधार बारिश के बीच महिला और पुरुष श्रद्धालु भीगे कपड़ों में कतारबद्ध होकर बाबा का दर्शन करते रहे.
बोल बम के जयकारों से गूंजा बासुकिनाथ धाम, बारिश में भी उमड़ा आस्था का सैलाब
अधिकारी श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से मंदिर में प्रवेश कराते रहे. कांवरियों के हाथों में कांवर, शरीर पर केसरिया वस्त्र और मुख पर बाबा के जयकारे वातावरण को भक्तिमय बना रहे थे. श्रद्धालु नाचते-गाते और बोल बम का उद्घोष करते हुए मंदिर की ओर बढ़ते रहे. विश्राम पूजा के बाद मंदिर के कपाट फिर खोले गए और जलार्पण रात्रिकालीन श्रृंगार पूजा तक जारी रहा. श्रद्धालुओं ने बाबा फौजदारीनाथ से सुख, शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की. कठिन मौसम के बावजूद देर शाम तक बासुकिनाथ धाम में श्रद्धा और भक्ति का उत्साह बना रहा.
बासुकिनाथ मंदिर को एक दिन में मिले 14.86 लाख रुपये
मंदिर प्रांगण स्थित विभिन्न स्रोतों से शिव मंदिर न्यास समिति को मंगलवार को कुल 14,86,933 रुपये प्राप्त हुए. विभिन्न दानपेटियों से 1,94,730 रुपये, मंदिर गर्भगृह के गोलक से 39,240 रुपये तथा अन्य स्रोतों से 7,963 रुपये प्राप्त हुए. दानपेटी और गोलक से प्राप्त राशि की गिनती मंदिर प्रशासनिक भवन में सीसीटीवी की निगरानी में अधिकारियों की मौजूदगी में की गयी.
2490 श्रद्धालुओं ने किया शीघ्रदर्शनम :
शीघ्रदर्शनम व्यवस्था के तहत मंगलवार को 2490 श्रद्धालुओं ने बाबा फौजदारीनाथ का सुलभ जलार्पण किया. इस व्यवस्था से मंदिर न्यास समिति को 12 लाख 45 हजार रुपये की आमदनी हुई. इसके लिए श्रद्धालुओं को मंदिर कार्यालय से 500 रुपये का कूपन लेना पड़ता है. इसके बाद सिंह द्वार से मंदिर प्रांगण में प्रवेश कर विशेष द्वार के माध्यम से गर्भगृह में पहुंचकर जलार्पण की सुविधा मिलती है.
11 साल से फौजदारीनाथ के दरबार में आस्था, भिलाई के कांवरियों ने की व्यवस्था की सराहना
श्रावणी मेले में देश के विभिन्न प्रदेशों से कांवरिया लगातार फौजदारीनाथ के दरबार पहुंच रहे हैं. छत्तीसगढ़ भिलाई से आये श्रद्धालुओं की टोली ने बाबा फौजदारीनाथ दरबार में जलार्पण किया. पूजा व्यवस्था से संतुष्ट दिखे. कांवरिया पुरुषोतम राणा, बजरंगी शिवशंकर यादव आदि ने बताया कि पिछले ग्यारह वर्षों से फौजदारी दरबार में जलार्पण करने पहुंच रहे हैं. सुगमतापूर्वक भोलेनाथ का जलार्पण किये. कतारबद्ध पूजा व्यवस्था की सभी ने प्रशंसा की. कहा कि सभी श्रद्धालु क्रमबद्ध तरीके से गर्भगृह में प्रवेश कर स्पर्श पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना की. टोली में कुल दो दर्जन से ज्यादा लोग हैं. सभी ने बेहतर तरीके से गर्भगृह में जलार्पण किया. जिला प्रशासन द्वारा देश के विभिन्न प्रदेशों से आनेवाले श्रद्धालुओं का ख्याल रखा जा रहा है. शिविर में नि:शुल्क आवासन की व्यवस्था व मयुराक्षी कला मंच पर कांवरियों का मनोरंजन पर श्रद्धालुओं ने प्रसन्नता व्यक्त की.
