चाईबासा की घटना को लेकर भाजपाइयों ने दिया धरना

धरना के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और अमानवीय है, जिसने पूरे राज्य को झकझोर दिया है.

राज्यपाल के नाम ज्ञापन सिविल सर्जन को सौंपा संवाददाता, दुमका चाईबासा सदर अस्पताल में थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को संक्रमित रक्त चढ़ाने के मामले को लेकर मंगलवार को भाजपा दुमका जिला इकाई ने सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष धरना दिया. नेतृत्व जिलाध्यक्ष गौरवकांत ने किया. इसका उद्देश्य घटना के विरोध के साथ-साथ राज्य स्वास्थ्य विभाग में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना था. धरना के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और अमानवीय है, जिसने पूरे राज्य को झकझोर दिया है. भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल हो गयी है. गरीबों की जान जोखिम में पड़ी है. उन्होंने कहा कि सरकार और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही से गंभीर घटना सामने आयी है. जिलाध्यक्ष गौरवकांत ने कहा कि गरीब आदिवासी बच्चों के जीवन से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग में टेंडर, आउटसोर्सिंग और दवा खरीद में अनियमितताएं हो रही हैं. भाजपा ने इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की. प्रदर्शन के बाद भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा. जिलाध्यक्ष ने चेताया कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी चरणबद्ध आंदोलन करेगी. धरना में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे और मौके पर विरोध के नारे लगाये गये. चार प्रमुख मांगें दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर तुरंत कार्रवाई. मामले की उच्चस्तरीय जांच, सीबीआई या सिटिंग जज से. स्वास्थ्य मंत्री को पद से बर्खास्त करने की मांग. राज्य के ब्लड बैंक और अस्पतालों की व्यापक जांच हो.

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By ANAND JASWAL

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