बासुकिनाथ : भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि भौम प्रदोष के अवसर पर मंगलवार को बासुकिनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. मेला क्षेत्र में दिनभर कांवरियों की आवाजाही बनी रही. अहले सुबह मंदिर का पट खुलने के बाद पुरोहितों ने विधिवत पूजा-अर्चना करायी. मंदिर प्रबंधन के अनुसार करीब 45 हजार कांवरियों ने बाबा फौजदारीनाथ पर जलार्पण किया. सरकारी पूजा संपन्न होने के बाद करीब चार बजे गर्भगृह में जलार्पण शुरू हुआ, जो देर शाम तक जारी रहा.
बोल बम के जयघोष से गूंजा बासुकिनाथ धाम
उतरवाहिणी गंगाजी से जल उठाकर बड़ी संख्या में कांवरिया बाबा के दरबार पहुंचे. शिवगंगा में स्नान के बाद कांवरिये हाथों में गंगाजल लेकर बोल बम और हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए मंदिर की ओर बढ़ते रहे. जलार्पण के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय बना रहा. श्रद्धालुओं ने बाबा के शिवलिंग पर गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, भांग, अक्षत, फूल, फल, शहद, दूध और दही अर्पित कर आरती की.
कांवरियों की कतार शिवगंगा पीड़ तक पहुंची
कांवरियों की कतार संस्कार मंडप, फलाहारी धर्मशाला और क्यू कॉम्पलेक्स होते हुए शिवगंगा पीड़ तक पहुंच गयी. मंदिर प्रांगण, शिवगंगा घाट और मेला क्षेत्र में दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही. अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों ने कतार को व्यवस्थित रखते हुए श्रद्धालुओं को सुगम तरीके से गर्भगृह में जलार्पण कराया.
षोडशोपचार विधि से हुई पूजा-अर्चना
वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच श्रद्धालुओं ने षोडशोपचार विधि से बाबा की पूजा-अर्चना करायी. कई भक्तों ने विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान भी संपन्न कराये. स्पर्श पूजा कर श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और मंगलकामना की.
300 रुपये के टोकन पर शीघ्रदर्शनम
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शीघ्रदर्शनम की व्यवस्था भी रही. भक्तों ने 300 रुपये का टोकन लेकर बाबा फौजदारीनाथ का जलाभिषेक किया. मंदिर और मेला क्षेत्र में अधिकारियों के साथ पुलिस बल की तैनाती बनी रही. सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध तरीके से दर्शन और जलार्पण किया.
