Basukinath: महाशिवरात्रि पर बासुकिनाथ मंदिर सज-धजकर तैयार, भेलेनाथ की विवाह की रस्म शुरू

Basukinath: बाबा बासुकिनाथ मंदिर महाशिवरात्रि के लिए सज-धजकर तैयार है. बाबा भालेनाथ की शादी की रस्में शुरू हो गई हैं. रविवार को धूमधाम से बाबा भोलेनाथ और माता पार्वती की शादी होगी. बाबा कीबारात निकाली जाएगी.

आदित्यनाथ पत्रलेख
Basukinath: बाबा फौजदारीनाथ की नगरी बासुकिनाथ में महाशिवरात्रि को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिल रहा है. शनिवार को मंदिर में हल्दी की रस्म अदा की गई. महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बाबा फौजदारीनाथ का मंदिर सज-धजकर तैयार हो गया है. मंदिर प्रांगण स्थित विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिर को आकर्षक फूलों से दुल्हन की तरह सजाया गया है. यजमान बने मंदिर प्रभारी सह बीडीओ कुंदन भगत, मंदिर विदकरी फुलेश्वर कुंवर एवं उनके परिवार के सदस्यों द्वारा परंपरागत तरीके से वैवाहिक रस्म शुरू किया गया. वैदिक मंत्रों की गूंज के बीच बाबा का पारंपरिक और भव्य श्रृंगार होगा, जिसमें दूल्हे के रूप में उनकी अलौकिक छवि देखने को मिलेगी.

15 फरवरी को होगी शिव-पार्वती की शादी

रविवार को पूरे विधि-विधान के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की शादी होगी. बाबा फौजदारीनाथ और मैया पार्वती को विदकरी फुलेश्वर कुंवर द्वारा शनिवार को उबटन लगाया गया. उनके परिजनों की महिलाओं के द्वारा लावा-कांसा भूंजकर उसे पीसकर हल्दी, मेथी, कांसा, सरसों मिलाकर उबटन बनाया गया. जिसे बाबा फौजदारीनाथ एवं माता पार्वती सहित दस महाविद्या देवी को लगाया गया. पूरे साल भर में भोलेनाथ को एक बार ही सरसों तेल लगाया जाता है, अन्य दिनों में भोलेनाथ पर सरसों तेल चढ़ाना निषिद्ध है. मंदिर में ढोल ढाक के बीच विदकरी फुलेश्वर कुंवर व उसके परिवार के सदस्यों द्वारा मंदिर प्रांगण में बाबा का लावा कांसा भूंजने का रस्म पूरा किया गया. पिसे हुए लावे कांसे को सुगंधित तेल, सरसों तेल व हल्दी में मिलाकर उबटन बनाकर बाबा फौजदारीनाथ को मंदिर गर्भगृह में विधि-विधान के साथ लगाया गया.

विवाह की रस्में शुरू

वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विवाह का रस्म शुरू हुआ. मंदिर प्रांगण में महिलाओं द्वारा इस अवसर पर विवाह मंगल गीत गाए गए. माता के प्रसाद स्वरूप महिलाएं एक-दूसरे को सिंदूर पहनाई. माता पार्वती को विधि-विधान के साथ सोना, चांदी, काजल, वस्त्र, अलता, दुर्बा आदि चढ़ाया गया. गुंबद पर से उतारे गए पंचशूल, त्रिशूल व कलश को साफ-सुथरा कर महाशिवरात्रि के दिन विदकरी परिवार के सदस्यों द्वारा चढ़ाया जाएगा. बाबा के गुंबद से उतारे गए कलश व त्रिशूल को मंदिर कर्मी द्वारा अबीर, नींबू व गुड़ मिलाकर उसे साफ किया गया.

सदावरत का वितरण किया

मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर प्रांगण में शनिवार की देर संध्या धरणार्थियों, साधु संतो एवं गरीब जरूरतमंदों के बीच एसडीओ कौशल किशोर, सीओ संजय कुमार, मंदिर प्रभारी सह बीडीओ कुंदन भगत के द्वारा सदावरत का वितरण किया गया. सदावरत में चावल, दाल, आलू आदि सामान का वितरण किया गया. मंदिर प्रांगण में सदावरत लेने वालों की काफी भीड़ लगी रही. बासुकिनाथ क्षेत्र शिवरात्रि को लेकर शिव के गीतों से क्षेत्र गूंज रहा है. जरमुंडी बाजार स्थित दानीनाथ मंदिर सहित क्षेत्र के अन्य शिवालयों में लाउडस्पीकर लगाकर भगवन शिव के गीत बजाए जा रहे हैं. जिससे क्षेत्र का माहौल भक्तिमय बना हुआ है.

एसडीओ ने विधि व्यवस्था का लिया जायजा

मंदिर न्यास पर्षद सचिव सह एसडीओ कौशल कुमार ने बाबा फौजदारीनाथ की पूजा अर्चना कर मंदिर में विधि व्यवस्था का जायजा लिया. महाशिवरात्रि पर बासुकिनाथ मंदिर पहुंचनेवाले संभावित भीड़ को लेकर अधिकारी व कर्मियों को आवश्यक निर्देश भी दिया. मौके पर एसडीओ कौशल कुमार, बीडीओ कुंदन भगत, सीओ संजय कुमार व अन्य मौजूद थे.

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By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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