रानीश्वर: प्रखंड क्षेत्र में बच्चों और गर्भवती माताओं के नियमित टीकाकरण के दिन अधिकांश आयुष्मान आरोग्य मंदिर में ताला लटक जाने का मामला सामने आया है. इससे एक ओर आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित टीकाकरण का कार्य होता है, तो दूसरी ओर उसी समय ग्रामीणों को स्वास्थ्य उपकेंद्र पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती.
जानकारी के अनुसार अधिकांश आयुष्मान आरोग्य मंदिर में एक या दो एएनएम पदस्थापित हैं. सप्ताह में गुरुवार और शनिवार को आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित टीकाकरण कार्यक्रम आयोजित किया जाता है. इस दौरान संबंधित क्षेत्र की एएनएम पोषक क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुंचकर बच्चों और गर्भवती माताओं का टीकाकरण करती हैं.
टीकाकरण के लिए एएनएम जाती हैं, केंद्र पर लग जाता है ताला
आंगनबाड़ी केंद्रों पर टीकाकरण के लिए एएनएम के चले जाने के बाद कई आयुष्मान आरोग्य मंदिर बंद हो जाते हैं. ऐसे में यदि किसी ग्रामीण को उसी दौरान स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर चिकित्सा सुविधा की जरूरत पड़ जाए, तो उसे परेशानी का सामना करना पड़ता है.
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों का नियमित टीकाकरण जरूरी है, लेकिन इसके साथ आयुष्मान आरोग्य मंदिर में स्वास्थ्य सुविधा भी बाधित नहीं होनी चाहिए. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए.
रांगालिया में भी 10 बजे लटका मिला ताला
गुरुवार को आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित टीकाकरण कार्यक्रम था. इसी दिन रांगालिया स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में पूर्वाह्न करीब 10 बजे ताला लटका मिला.
केंद्र के गेट पर किसी तरह का नोटिस भी चिपका हुआ नहीं देखा गया, जिससे यह जानकारी मिल सके कि केंद्र क्यों बंद है या ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा के लिए कहां संपर्क करना है.
रांगालिया में दो एएनएम, 14 आंगनबाड़ी केंद्र
इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नदियानंद मंडल ने बताया कि रांगालिया आयुष्मान आरोग्य मंदिर में दो एएनएम पदस्थापित हैं. इसके पोषक क्षेत्र में कुल 14 आंगनबाड़ी केंद्र हैं.
उन्होंने बताया कि नियमित टीकाकरण के लिए एएनएम आंगनबाड़ी केंद्रों पर गयी थीं.
वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत
ग्रामीणों का कहना है कि टीकाकरण कार्यक्रम के दौरान एएनएम का आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाना जरूरी है, लेकिन इसके कारण आयुष्मान आरोग्य मंदिर पूरी तरह बंद हो जाना समस्या है.
स्वास्थ्य विभाग यदि वैकल्पिक व्यवस्था करे, तो एक ओर बच्चों और गर्भवती माताओं का टीकाकरण नियमित रूप से जारी रह सकता है और दूसरी ओर आयुष्मान आरोग्य मंदिर में आने वाले ग्रामीणों को भी स्वास्थ्य सुविधा मिलती रहेगी.
