प्रवासी मजदूरों को सुरक्षित वापस लौटाने श्रम अधीक्षक से गुहार

आठ महीने गुजरने के बावजूद एजेंट ने एक बार भी मजदूरों को मजदूरी का भुगतान नहीं किया और सभी मजदूरों को बंधक बनाकर शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण किया जाने लगा.

दुमका. दुमका के जोहार मानव संसाधन विकास केन्द्र के निदेशक जॉन फेलिक्स के निर्देश पर माइग्रेट लिंक वर्कर सुशांत सोरेन की अगुवाई में सोमवार को प्रवासी मजदूरों की समस्याओं को लेकर जिला श्रम अधीक्षक को आवेदन दिया गया और प्रवासी मजदूरों का मजदूरी भुगतान कराने की गुहार लगायी गयी. जानकारी के अनुसार प्रवासी मजदूरों के आश्रित शंभू पुजहर ने लिखित आवेदन में जानकारी दी कि विगत दिनों मसानजोर थाना क्षेत्र के दुमका प्रखंड के दरबारपुर पंचायत ��े भुलपहाड़ गांव के नौ आदिम जनजाति प्रवासी मजदूरों को दुमका जिले के ही रामगढ़ थाना क्षेत्र के अमड़ापहाड़ी गांव के दो एजेंट धीरेन मंडल उर्फ राहुल मंडल और जगदीश मंडल ने बुधन पुजहर, सुरेन्द्र पुजहर एवं छह अन्य प्रवासी मजदूरों को बेहतर काम दिलाने के बहाने गुजरात के जुगेश प्लांट में प्रति माह 15 हजार रुपए मानदेय बोलकर ले गए थे. एजेंट ने सभी मजदूरों को 8 घंटे काम कराने की बात कही थी, लेकिन वहां 12 घंटे तक काम कराने के लिए मजबूर किया जाने लगा. आठ महीने गुजरने के बावजूद एजेंट ने एक बार भी मजदूरों को मजदूरी का भुगतान नहीं किया और सभी मजदूरों को बंधक बनाकर शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण किया जाने लगा. मजदूरों के सभी परिजनों ने व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर पूरी मजदूरी का भुगतान कराने, सभी मजदूरों को सुरक्षित घर वापस लौटने के लिए भी गुहार लगायी. बावजूद अभी तक मजदूरों को वापस घर नहीं लाया गया है. मजदूरों के परिजनों ने श्रम अधीक्षक को लिखित आवेदन देकर एजेंट धीरेन मंडल उर्फ राहुल मंडल और जगदीश मंडल के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए मजदूरों को वापस लाने की गुहार लगायी है.

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Published by: Anand jaswal

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