भारी बारिश की संभावना को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में

कहा है कि भारी वर्षा के कारण कच्चे मकानों के गिर जाने, सड़कों पर पेड़ गिर जाने, सड़कों के अवरुद्ध होने, सड़कों के बह जाने की संभावना के निमित्त तत्काल आवश्यक कार्रवाई वे सुनिश्चित करेंगे.

संवाददाता, दुमका. मौसम पूर्वानुमान केन्द्र द्वारा जारी बुलेटिन में 21 जून तक दुमका जिला में भारी वर्षा की संभावना जतायी गयी है. इसे ध्यान में रखते हुए उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने सभी बीडीओ, सीओ, ग्रामीण कार्य प्रमंडल व पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, नगर परिषद् दुमका व नगर पंचायत बासुकिनाथ के कार्यपालक पदाधिकारी को आवश्यक निदेश दिया है. कहा है कि भारी वर्षा के कारण कच्चे मकानों के गिर जाने, सड़कों पर पेड़ गिर जाने, सड़कों के अवरुद्ध होने, सड़कों के बह जाने की संभावना के निमित्त तत्काल आवश्यक कार्रवाई वे सुनिश्चित करेंगे. मैदानी इलाकों में बाढ़ की संभावना एवं कृषि, बागवानी फसल, वृक्षारोपण को भारी नुकसान की संभावना व बिजली पोल के क्षतिग्रस्त होकर गिर जाने की अत्यधिक संभावना को देखते हुए तात्कालिक रूप से विद्युत-जलापूर्ति की व्यवस्था प्रारंभ करने हेतु टीम गठित कर युद्ध स्तर पर रिस्टोरेशन के लिए अलर्ट किया गया है. उनके द्वारा कार्यपालक अभियंता सिंचाई प्रमंडल को मसानजोर एवं आसपास के क्षेत्र में सतत निगरानी बनाये रखने, अपर समाहर्ता व जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी को निदेश दिया गया है कि भारी वर्षा के कारण जान-माल की क्षति की घटना होने की संभावना के निमित्त तात्कालिक रूप से संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने व अनुमंडल पदाधिकारी को जनजीवन की सुविधा हेतु कन्ट्रोल रूम को 24X7 सक्रिय करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया है.

रानीश्वर में हुई 35 मिमी बारिश, किसानों में खुशी

रानीश्वर.

मंगलवार से हो रही रुक रुक कर रिमझिम बारिश से किसानों में खुशी देखी जा रही है. 12 दिनों बाद बारिश हुई है. इसके पहले 5 जून को अंतिम बार बारिश हुई थी. उसके बाद तेज धूप निकलने से किसानों को चिंता सताने लगी थी. प्रखंड कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार की सुबह 35.4 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गयी है. जो किसान अभी तक धान का पौधा तैयार करने के लिए बीज नहीं गिरा पाये थे, वैसे किसान अब कीचड़ में धान बीज गिराने की तैयारी में जुट गये हैं. वहीं जो किसान सूखी जमीन पर धान बीज गिराये थे, बारिश होने से धान बीज में अंकुर निकलने लगा है. बारिश से मकई की खेती के साथ-साथ सब्जी की खेती को भी लाभ पहुंचा है. रांगालिया के किसान संजय गोराई ने बताया कि बारिश होने से हम किसानों को राहत मिली है.

मसानजोर डैम का जलस्तर अभी खतरे के निशान से 22 फीट नीचे :

रानीश्वर.

मसानजोर डैम का जलस्तर खतरे के निशान से अभी भी 22 फीट नीचे है. डैम में खतरे का निशान 398 फीट पर है. बुधवार को मसानजोर डैम का जलस्तर 376.60 फीट पर है. जबकि रेन फाॅल 58 मिमी हुई है. लगातार भारी बारिश होने पर ही डैम का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है. दुमका व आसपास के क्षेत्र में भारी बारिश होने तथा दुमका की ओर से मयुराक्षी नदी व मयुराक्षी नदी के साथ मिलने वाले नदियों में बाढ़ आने से डैम के जलस्तर में बढ़ोतरी होगी. फिलहाल डैम के सभी गेट बंद हैं तथा मयुराक्षी बायांतट मुख्य नहर का पानी भी बंद है. उधर, लगातार भारी बारिश होने से रानीश्वर प्रखंड क्षेत्र के बड़ानदी, दिगलपहाड़ी, कैराबनी डैम के जलस्तर में भी बढ़ोतरी होगी. मौसम के चलते जिला प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों को अलर्ट किया गया है.

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Published by: Anand jaswal

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