हाउसहोल्ड सैचुरेशन में चार प्रखंडों की उपलब्धि खराब, बीपीएम के वेतन रोकने की चेतावनी

समीक्षा में हाउसहोल्ड सैचुरेशन में शिकारीपाड़ा, गोपीकांदर, काठीकुंड व रानेश्वर प्रखंड में कम उपलब्धि पर उपायुक्त ने नाराजगी जतायी.

संवाददाता, दुमका. दुमका के उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शनिवार को जेएसएलपीएस की योजनाओं की भी समीक्षा की. इस समीक्षा में हाउसहोल्ड सैचुरेशन में शिकारीपाड़ा, गोपीकांदर, काठीकुंड व रानेश्वर प्रखंड में कम उपलब्धि पर उपायुक्त ने नाराजगी जतायी और एक माह के भीतर कार्य पूरा करने का निर्देश दिया. समय सीमा में कार्य नहीं होने पर संबंधित प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधकों का वेतन रोकने की चेतावनी दी गयी. बैठक में त्योहार आधारित उत्पाद निर्माण, कृषि यांत्रिकरण के 340 लाभुकों का चयन, रामगढ़ की रेशम योजना पूर्ण कर वित्तीय प्रस्ताव भेजने, व सभी प्रखंडों से उत्पादन संबंधी प्रस्ताव जिला कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए. मुद्रा लोन में प्रगति धीमी रहने पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई और एलडीएम व बैंक के साथ समन्वय कर लक्ष्य हासिल करने को कहा. साथ ही मनरेगा टीम के सहयोग से सभी प्रखंडों में स्ट्रॉबेरी की खेती बड़े पैमाने पर कराने का निर्देश दिया. दीदी की दुकान और दीदी का ढाबा को लेकर उपायुक्त ने प्रसन्नता व्यक्त की और इन्हें हर गांव, पंचायत एवं मुख्य मार्ग पर स्थापित करने को कहा. इसके अलावा जिला प्रबंधक-उद्यम विकास और प्रखंड परियोजना पदाधिकारी (उद्यम विकास) को सभी प्रखंडों में राखी का निर्माण व बिक्री सुनिश्चित करने, त्योहारों से जुड़े उत्पादों के निर्माण एवं विपणन को बढ़ावा देने, तथा पैकेजिंग एवं मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने का आदेश दिया गया.बैठक में उप विकास आयुक्त अनिकेत सचान, जिला कार्यक्रम प्रबंधक निशांत एक्का, जिला प्रबंधक एवं सभी प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक उपस्थित रहे.

अरहर के साथ हल्दी की इंटरक्रॉपिंग को बढ़ावा दें :

दुमका. उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में कृषि एवं सम्बद्ध विभागों की समीक्षा बैठक समाहरणालय सभागार में आयोजित की गई. बैठक में जिले में संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए. बैठक में उपायुक्त ने अरहर के साथ हल्दी की इंटरक्रॉपिंग को बढ़ावा देने की बात कही. उन्होंने कहा कि इससे किसानों की आमदनी में वृद्धि होगी और भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा. खजूर की पैदावार बढ़ाने और उसकी प्रोसेसिंग की दिशा में भी तेजी लाने का निर्देश दिया गया. उपायुक्त ने स्ट्रॉबेरी की खेती एवं उसके प्रसंस्करण को भी जिले में प्रोत्साहित करने की बात कही. किसानों को श्री विधि से खेती करने के लिए प्रशिक्षित करने और इस पद्धति के प्रचार-प्रसार के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए. बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, कनीय पौधा संरक्षण पदाधिकारी एवं भूमि संरक्षण पदाधिकारी उपस्थित थे.

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Published by: Anand jaswal

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