दुमका: जमीन खरीद-बिक्री के नाम पर 52.01 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में दुमका के हदहदिया पुल के पास रहने वाले जितेंद्र कुमार गुप्ता को धनबाद पुलिस ने दुमका से गिरफ्तार किया है. उसके खिलाफ जमीन के दो अलग-अलग सौदों में धोखाधड़ी का आरोप है. एक मामले में 31 लाख और दूसरे में 21.01 लाख रुपये लेने का आरोप है. दूसरे मामले में उसकी पत्नी चंद्रावती देवी और बेटी जंशी भारती को भी आरोपी बनाया गया है.
31 लाख लेने के बाद एकरारनामा से पीछे हटने का आरोप
पहला मामला देवघर के जसीडीह थाना में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है. सिमरिया, जसीडीह निवासी राजेश रंजन ने शिकायत में बताया है कि वह अपने मित्र सुजीत कुमार ठाकुर के साथ धनबाद के गोविंदपुर में जमीन खरीदना चाहते थे. इसी दौरान उनकी बातचीत जितेंद्र कुमार गुप्ता से हुई. शिकायत के अनुसार, गुप्ता ने गोविंदपुर तहसील के मौजा कंगालो में 273 डिसमिल और मौजा गोसाइडीह में 71 डिसमिल जमीन होने की बात कही. दो लाख रुपये प्रति कट्ठा की दर से सौदा तय हुआ. राजेश रंजन ने दो चेक से सात और पांच लाख रुपये, जबकि सुजीत कुमार ठाकुर के माध्यम से 19 लाख रुपये का भुगतान किया. इस तरह कुल 31 लाख रुपये अग्रिम दिये गये. इसके अलावा पांच-पांच लाख रुपये के चार चेक भी दिये गये थे.
रजिस्टर्ड एग्रीमेंट को लेकर बढ़ा विवाद
आरोप है कि अग्रिम राशि लेने के बाद गुप्ता पंजीकृत एकरारनामा कराने में टालमटोल करने लगा और नोटरीकृत एकरारनामा कराने का दबाव देने लगा. इस पर शिकायतकर्ता ने नोटरीकृत एकरारनामा कराने से इनकार कर दिया. आरोप है कि इसके बाद गुप्ता ने मोबाइल बंद कर लिया और फोन पर गाली-गलौज व धमकी दी. शिकायतकर्ता के अनुसार, तीन अप्रैल 2025 को वह अपने मित्र के साथ गुप्ता के दुमका स्थित घर पहुंचा, लेकिन वह पिछले दरवाजे से निकल गया. उसी दिन दुमका थाना में लिखित सूचना देने की बात भी प्राथमिकी में कही गयी है.
दूसरे सौदे में 21.01 लाख रुपये लेने का आरोप
धनबाद के गोविंदपुर थाना में दर्ज दूसरे मामले में श्रीकांत शी ने आरोप लगाया है कि गुप्ता ने ऐसी जमीन बेचने का सौदा किया, जिसका उसके पास स्वामित्व और वास्तविक कब्जा नहीं था. भूमि अभिलेखों की जांच में संबंधित सरकारी रिकॉर्ड में गुप्ता का नाम दर्ज नहीं होने की बात शिकायत में कही गयी है. शिकायतकर्ता के अनुसार, 21 फरवरी 2026 को क्यूआर कोड से 1.01 लाख, 25 फरवरी को दो चेक से सात-सात लाख और 13 मार्च को छह लाख रुपये दिये गये. इस तरह कुल 21.01 लाख रुपये का भुगतान किया गया.
जमीन पर पहले से दूसरे व्यक्ति का कब्जा होने का दावा
शिकायत में कहा गया है कि संबंधित जमीन पर राज कुमार गिरि का कब्जा है और वह वर्षों से खेती कर रहे हैं. आरोप है कि गुप्ता ने राज कुमार गिरि को 10.04 लाख रुपये देकर जमीन खाली कराने का प्रयास किया था, लेकिन वह जमीन खाली करने को तैयार नहीं हुए. शिकायतकर्ता का आरोप है कि गुप्ता ने जमीन की वास्तविक स्थिति और अपने स्वामित्व से जुड़ी जानकारी छिपाकर सौदा किया.
पत्नी और बेटी पर भी मिलीभगत का आरोप
दूसरे मामले में चंद्रावती देवी और जंशी भारती को भी आरोपी बनाया गया है. शिकायतकर्ता के अनुसार, दोनों जमीन के सौदे के दौरान गुप्ता के आवास पर मौजूद थीं और बातचीत में शामिल थीं. सौदा न्यू भारती होमियो हॉल, भागलपुर रोड, दुमका स्थित आवास पर होने का आरोप है. शिकायतकर्ता ने तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई की मांग की है.
कानूनी नोटिस के बाद भी रकम नहीं लौटाने का आरोप
शिकायतकर्ता ने 13 अप्रैल 2026 को कानूनी नोटिस भेजकर 15 दिनों में अग्रिम राशि लौटाने की मांग की थी. आरोप है कि नोटिस के बावजूद राशि वापस नहीं की गयी. दोनों मामलों में कुल 52.01 लाख रुपये लेने और जमीन के स्वामित्व व कब्जे से संबंधित तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाया गया है.
