दुमका में नवीन पटवारी के घर पर एसीबी की दबिश

मिली जानकारी के मुताबिक टीम सुबह आठ बजे के करीब टाटा शोरूम चौक से दुधानी के बीच श्री पटवारी के मकान में पहुंची. टीम में डीएसपी एसीबी नूर टुडू के अलावा आधे दर्जन लोग शामिल थे. टीम के साथ पुलिस व एसआइआरबी जवान शामिल थे.

रांची-दुमका की टीम ने की साढ़े आठ घंटे तक छापेमारी

संवाददाता, दुमका

दुमका के प्रमुख व्यवसायी नवीन पटवारी के घर पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की रांची-दुमका की टीम ने सुबह-सुबह छापेमारी की, जो लगभग साढ़े आठ घंटे तक चली. मिली जानकारी के मुताबिक टीम सुबह आठ बजे के करीब टाटा शोरूम चौक से दुधानी के बीच श्री पटवारी के मकान में पहुंची. टीम में डीएसपी एसीबी नूर टुडू के अलावा आधे दर्जन लोग शामिल थे. टीम के साथ पुलिस व एसआइआरबी जवान शामिल थे. मिली जानकारी के मुताबिक एक दिन पहले ही एसीबी ने राज्य के चर्चित व्यवसायी श्रवण जालान के राजधानी रांची स्थित आवास व दफ्तर समेत कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी. तब कार्रवाई रांची जिले के अरगोड़ा थाना क्षेत्र स्थित उनके प्रतिष्ठान ‘राणी सती प्लाई एंड डेकोर’ पर भी की गयी थी. बताया जा रहा है कि छापेमारी आइएएस विनय चौबे से जुड़े शराब घोटाला की जांच के तहत की गयी थी. सूत्र बताते हैं कि एसीबी को इनपुट मिले थे कि विनय चौबे ने अपनी अवैध कमाई का बड़ा हिस्सा श्रवण जालान के माध्यम से विभिन्न जगहों पर इन्वेस्ट किया है. इसी आधार पर एसीबी टीम ने कई लोकेशनों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया. दुमका के नवीन पटवारी और श्रवण जालान रिश्तेदार हैं. यही वजह है कि उनके घर पर एसीबी ने दस्तक दी. दस्तावेज खंगाले. शाम के वक्त जब टीम अपनी जांच कर वापस निकली, तो मीडिया को कुछ भी बताने से परहेज करती रही.

चल रही थी छापेमारी, ऊपर से फाड़कर फेंके जा रहे थे कागज

मिली जानकारी के मुताबिक जब छापेमारी चल रही थी, उस वक्त कई तरह के कागजात फाड़कर कचरे में फेंके जा रहे थे. इनमें से कई कागजात तो यूनिसन वर्ल्ड स्कूल में नवीन पटवारी की बेटी के दाखिले से जुड़ी थी, जिसमें उनके द्वारा फी के रूप में बड़ी रकम चुकायी गयी थी. ये मनी रिसिप्ट क्रमश: दो लाख, एक लाख 50 हजार, एक लाख 50 हजार व छह लाख 80 हजार रुपये के थे. इन कागजों के छापेमारी के दौरान फाड़ कर फेंके जाने की चर्चा होती रही.

जिस मकान में हुई छापेमारी, उसमें रहते हैं तीन भाई

नवीन पटवारी के जिस मकान में एसीबी ने छापेमारी की, उसमें नवीन पटवारी व उनके दो छोटे भाइयों का परिवार रहता है. इसी भवन में नीचे उनके टायर-बैटरी की दुकान है, जबकि किराये में एक्सिस बैंक और पहले तल में लोकनायक जयप्रकाश आंख अस्पताल है. शहर में दूसरे जगहों पर भी उनके प्रतिष्ठान व कारोबार हैं.

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Published by: Anand jaswal

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