बासुकिनाथ. नव वर्ष 2026 के पहले दिन पौष माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर गुरुवार को मंदिर परिसर में जनसैलाब और भक्तिमय माहौल देखने को मिला. सुबह से ही दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गयी. बाबा भोलेनाथ के दर्शन को लेकर देवतुल्य श्रद्धालुओं में उत्साह देखा गया. मंदिर परिसर हर-हर महादेव के उदघोष से गूंजता रहा. हजारों की संख्या में भक्तों ने बाबा फौजदारीनाथ के दर्शन कर अपने नए साल की शुरुआत की. भक्तों ने भोलेनाथ से नए साल में सफलता और सुख शांति की प्रार्थना की. श्रद्धालु नए साल की शुरुआत पर बाबा फौजदारीनाथ के स्पर्श पूजन कर खुद को धन्य महसूस कर रहे हैं. नये साल में सुख शांति व समृद्धि की दुआएं मांगी. मंदिर में भगवान शिव की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालु आतुर दिखायी दिए. मंदिर प्रबंधन के अनुसार सवा लाख श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की. मंदिर का पट साढ़े तीन बजे भोर में खुला. सरकारी पुरोहित पूजा के बाद भक्तों के लिए मंदिर गर्भगृह का पट खोल दिया गया. भीषण ठंड के बीच भक्तों ने महादेव की विधिवत पूजा की. जलार्पण पूजा का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह देर शाम तक चल रहा है. नये साल को लेकर मंदिर प्रांगण स्थित सभी मंदिरों को आकर्षक फूलों से सजाया गया है. भक्तों ने पूजा के उपरांत मंदिर प्रांगण में आरती भी की. कतारबद्ध होकर श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की. संस्कार भवन होते हुए मंदिर हाथी गेट से भक्तों की कतार ने मंदिर प्रांगण में प्रवेश किया. सम्पूर्ण मंदिर भोलेनाथ के जयकारे से दिनभर गुंजायमान रहा. श्रद्धालुओं को सुगमतापूर्वक पूजा-अर्चना कराने के लिए रात से ही अधिकारी व कर्मी लगे हुए दिखे. श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, कतार व्यवस्था, सुगम जलार्पण और पल-पल की गतिविधियों पर सतत निगरानी बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि सभी श्रद्धालु शांतिपूर्ण और व्यवस्थित वातावरण में पूजा-अर्चना कर सकें. मंदिर निकास गेट पर पुलिस पदाधिकारी भीड़ संभालने में लगे रहे. मंदिर कार्यालय में स्थित सीसीटीवी की मदद से एसडीओ कौशल कुमार, सीओ संजय कुमार, पुलिस निरीक्षक श्यामानंद मंडल ने मंदिर क्षेत्र की प्रत्येक गतिविधियों पर नजर बनाये रखा. 2254 भक्तों ने शीघ्रदर्शनम किया, प्रथम दिन 6.76 लाख की हुई आमदनी : नया साल के प्रथम दिन श्रद्धालुओं ने शीघ्रदर्शनम का लाभ उठाया. मंदिर सहायक प्रबंधक सुभाष राव ने बताया कि 2254 भक्तों ने शीघ्रदर्शनम किया. इससे मंदिर प्रबंधन को 6,76,200 रुपये की आमदनी प्राप्त हुई. इस व्यवस्था में भक्तों ने मंदिर कार्यालय से 300 रुपये का रसीद टोकन प्राप्त किया. उसके बाद उससे सुरक्षा बलों ने वीआइपी गेट से सुगमतापूर्वक गर्भगृह में जलार्पण कराया. नये साल के प्रथम दिन दर्शन पूजन के बाद भक्त खुश दिखे. वहीं मंदिर के आसपास भीषण ठंड को देखते हुए अलाव की व्यवस्था की गयी थी. श्रद्धालुओं ने अलाव ताप कर ठंड में सुकून महसूस किया. वहीं भक्तों के सुविधार्थ निकास गेट पर स्वास्थ्य शिविर लगाया गया. प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अंजू कुमारी की देखरेख में शिविर लगाया गया. बताया कि करीब 325 मरीजों की स्वास्थ्य जांच की गयी. बीपी आदि की जांच कर मरीजों को नि:शुल्क दवा वितरण किया गया. मौके पर चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों की टीम मौजूद थी. विधि-व्यवस्था को लेकर सजग रहे एसडीओ : नववर्ष के प्रथम दिन मंदिर एवं उसके आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया था. एसडीओ कौशल कुमार अहले सुबह ही मंदिर पहुंच गये थे. मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं के सुगम और सुरक्षित जलार्पण को लेकर की गयी व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया. साथ ही कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर वहां संचालित गतिविधियों की समीक्षा की. भक्तों की रूट लाइन का निरीक्षण किया. सुगमतापूर्वक जलार्पण को लेकर अन्य अधिकारियों के साथ सक्रिय रहे. पुलिस अधिकारियों के साथ मंदिर क्षेत्र के सभी प्वाइंट का निरीक्षण किया. यातायात व्यवस्था को लेकर नंदी चौक पर ही एसआई सुशील कुमार अन्य पुलिस कर्मियों के साथ डटे हुए थे. एक भी वाहन को नंदी चौक पर प्रवेश नहीं दिया जा रहा था. मंदिर क्षेत्र में विधि व्यवस्था को लेकर 250 सुरक्षा बल एवं 50 पदाधिकारी की प्रतिनियुक्त मंदिर एव उसके आसपास के क्षेत्र में 19 जगहों पर लगायी गयी थी. मंदिर गर्भगृह, हाथी गेट, निकास गेट, समर्पण, क्यू कॉम्पलेक्स, संस्कार भवन गेट, नागनाथ चौक, पानी टंकी, नपं कार्यालय, दुर्गा मंदिर, काली मंदिर बाइपास आदि जगहों पर सुरक्षा बलों की प्रतिनियुक्ति की गयी थी.
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