रिमझिम बारिश के बीच उमड़ा कांवरियों का सैलाब, बाबा फौजदारीनाथ पर चढ़ाया जल

राजकीय श्रावणी मेला के 13वें दिन 1.16 लाख कांवरियों ने किया जलार्पण. श्रद्धालुओं ने मंदिर अरघा में जल डालकर मंगलकामनाएं की.

राजकीय श्रावणी मेला के 13वें दिन 1.16 लाख कांवरियों ने किया जलार्पण. श्रद्धालुओं ने मंदिर अरघा में जल डालकर मंगलकामनाएं की.

बासुकिनाथ. राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव के 13वें दिन बुधवार को रिमझिम बारिश के बीच बाबा फौजदारीनाथ दरबार में कांवरियों की भीड़ उमड़ी रही. श्रद्धालुओं ने मंदिर अरघा में जल डालकर मंगलकामनाएं की. तीन बजे भोर से ही मंदिर प्रांगण, शिवगंगा घाट व मेला परिसर कांवरियों से पटा रहा. सरकारी पूजा के बाद गर्भगृह का पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया. मंदिर प्रबंधन के अनुसार 1.16 लाख कांवरियों ने बाबा फौजदारीनाथ पर जलार्पण कर मंगलकामना की. कांवरियों का उत्साह ऐसा था कि थकावट के बावजूद उनके चेहरों पर बाबा के दर्शन का उत्साह स्पष्ट दिखायी दे रहा था. शिवगंगा रूटलाइन से संस्कार मंडप के समीप तक हर तरफ भक्तों की कतारें लगी रहीं. मंदिर परिसर बाबा के जयकारे से गूंजता रहा. महिला व पुरुष श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बाबा पर जलार्पण किया. मंदिर प्रांगण में अधिकारियों ने कांवरियों की कतार को सुचारू रूप से गर्भगृह में प्रवेश कराया. वरीय पदाधिकारी और रूट लाइन में तैनात मजिस्ट्रेट भीड़ नियंत्रण में लगे रहे. इसके साथ ही भीड़ को कतारबद्ध करने और नियंत्रित करने के लिए पुलिस की ओर से माइकिंग भी करवायी जा रही थी. कांवरियों की श्रद्धा भक्ति व आस्था देखते ही बन रही थी. कांवरियों की कतार संस्कार मंडप, फलाहारी धर्मशाला, क्यू कॉम्पलेक्स एवं शिवगंगा पीड़ तक सिमटी रही. वहीं मंदिर संकीर्तनशाला के समीप जलार्पण काउंटर पर शिवभक्त कांवरियों ने जल डाला. मंदिर प्रबंधन के अनुसार 15,425 श्रद्धालुओं ने जलार्पण काउंटर का लाभ उठाया. यहां डाले गये जल सीधे पाइप द्वारा मंदिर गर्भगृह में शिवलिंग पर गिरता है. वहीं, मेला क्षेत्र में सफाई पर्यवेक्षक द्वारा 24×7 साफ-सफाई, कचड़ा निष्पादन, ब्लीचिंग पाउडर छिड़काव और हाइजीन पर विशेष फोकस किया जा रहा था, ताकि श्रद्धालुओं को एक साफ-सुथरा और स्वच्छ माहौल मुहैया कराया जा सके. मंदिर प्रभारी सह बीडीओ कुंदन भगत पुलिस पदाधिकारी के साथ मंदिर में बेहतर व्यवस्था में लगे रहे.

15,59,058 रुपये की हुई आमदनी :

मंदिर न्यास पर्षद बासुकिनाथ को बुधवार को विभिन्न श्रोतों से 15 लाख 59 हजार 058 रुपये की आमदनी प्राप्त हुई. मंदिर प्रांगण स्थित विभिन्न दानपेटी से 63,540 रुपये, गर्भगृह गोलक से 1,03,320 रुपये नगद प्राप्त हुए. अन्य स्रोतों से 8,11,559 तथा दान रसीद से 6498 रुपये मंदिर को आमदनी हुई. दानपेटी व गोलक से निकले राशि की गिनती मंदिर प्रशासनिक भवन में सीसीटीवी व अधिकारी की निगरानी में किया गया.

4619 कांवरियों ने शीघ्रदर्शनम किया :

शीघ्रदर्शनम व्यवस्था के तहत बुधवार को 4619 श्रद्धालुओं ने बाबा फौजदारीनाथ की सुलभ जलार्पण किया. इस व्यवस्था के तहत मंदिर न्यास समिति को 13 लाख 85 हजार 700 रुपये की आमदनी प्राप्त हुई. इसके तहत कांवरियों को मंदिर कार्यालय से 300 रुपये का कूपन कटाना पड़ता है. मंदिर सिंह द्वार से उक्त श्रद्धालु को मंदिर प्रांगण में प्रवेश मिलता है. मंदिर प्रांगण स्थित विशेष द्वार से श्रद्धालु मंदिर गर्भगृह में प्रवेश कर जलार्पण करते हैं. मंदिर प्रबंधन के अनुसार इस व्यवस्था से कांवरिये खुश हैं.

शिव को प्रिय है रुद्राक्ष, धारण करने से मिलते हैं लाभ :

भगवान शिव को रुद्राक्ष अर्पित करना बहुत ही शुभ माना जाता है. शास्त्रों में रुद्राक्ष को भगवान शंकर का महाप्रसाद बताया गया है. मान्यता है कि भगवान शिव के आंसुओं से पैदा हुए रुद्राक्ष में दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदलने की ताकत होती है. पंडित विनायक मिश्र ने बrताया कि रुद्राक्ष सिद्धिदायक, पापनाशक, पुण्यवर्धक, रोगनाशक तथा मोक्ष प्रदान करने वाला होता है. एकमुखी से लेकर चौदह मुखी तक रुद्राक्ष विशेष रूप से पाए जाते हैं. उनकी अलौकिक शक्ति और क्षमता अलग-अलग होती है. रुद्राक्ष धारण करने से जहां ग्रहों से लाभ प्राप्त होता है, वहीं शारीरिक रूप से भी स्वस्थ रहेंगे. रुद्राक्ष का स्पर्श, दर्शन, उस पर जप करने से, उसकी माला को धारण करने से समस्त पापों का और विघ्नों का नाश होता है. ऐसा महादेव का वरदान है परंतु धारण की उचित विधि और भावना शुद्ध होनी चाहिए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Anand jaswal

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >