दुमका : भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक अधिनियम (एफएसएसआइ) के प्रावधानों के तहत दुमका जिले के ऐसे सभी सभी थोक व खुदरा विक्रेता तथा वेंडर जो खाने-पीने के सामान बेचते हैं, उन्हें पंद्रह दिनों के अंदर जिला अथवा प्रखंडस्तरीय खाद्य संरक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में अपनी दुकान का निबंधन अथवा लाइसेंस के लिए आवेदन करने को कहा गया है. अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ विनोद कुमार साहा ने बताया कि पंद्रह दिनों के बाद बिना निबंधन अथवा लाइसेंस के खाने-पीने के सामान की बिक्री करते पाये जाने पर विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी.
खाने-पीने की चीजें बेचने वाले करायें निबंधन
दुमका : भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक अधिनियम (एफएसएसआइ) के प्रावधानों के तहत दुमका जिले के ऐसे सभी सभी थोक व खुदरा विक्रेता तथा वेंडर जो खाने-पीने के सामान बेचते हैं, उन्हें पंद्रह दिनों के अंदर जिला अथवा प्रखंडस्तरीय खाद्य संरक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में अपनी दुकान का निबंधन अथवा लाइसेंस के लिए आवेदन करने […]

12 लाख से अधिक है टर्नओवर, तो लेना होगा लाइसेंस
अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि अगर किसी भी खाद्य या पेय पदार्थ के विक्रेता का सालाना टर्नओवर 12 लाख रुपये से अधिक है, तो उसे प्रक्रिया के तहत आवेदन देना होगा.
छात्रों के प्रति संवेदनशील रहें कर्मी
निर्देश. जैक अध्यक्ष पहुंचे क्षेत्रीय कार्यालय, कहा
कामकाज में आयी पारदर्शिता, परिषद को माफिया तत्वों से किया जा रहा दूर