हमारी लाश पर ही बनेगा डैम

उबाल. प्रस्तावित डैम का आदिवासी-मूलवासी संघर्ष मोरचा ने किया विरोध, कहा तीर-धनुष, भाला-बरछी, तलवार व ढोल-नगाड़े के साथ सभास्थल पहुंचे रामगढ़ : रामगढ़ व जामा प्रखंड की सीमा पर फूलोपानी व ढेगापहाड़ी मौजा के बीच भुरभुरी नदी पर वृहत जलाशय योजना के निर्माण को लेकर हो रही पहल का आदिवासी-मूलवासी संघर्ष मोरचा ने विरोध जताया […]

उबाल. प्रस्तावित डैम का आदिवासी-मूलवासी संघर्ष मोरचा ने किया विरोध, कहा

तीर-धनुष, भाला-बरछी, तलवार व ढोल-नगाड़े के साथ सभास्थल पहुंचे
रामगढ़ : रामगढ़ व जामा प्रखंड की सीमा पर फूलोपानी व ढेगापहाड़ी मौजा के बीच भुरभुरी नदी पर वृहत जलाशय योजना के निर्माण को लेकर हो रही पहल का आदिवासी-मूलवासी संघर्ष मोरचा ने विरोध जताया है. इस संगठन के बैनर तले भारी संख्या में लोग तीर-धनुष, भाला-बरछी, तलवार व ढोल-नगाड़े के साथ सभास्थल पहुंचे और जलाशय निर्माण का पुरजोर विरोध किया. कांग्रेस के बारीश मुर्मू ने कहा कि भाजपा सरकार डैम का निर्माण कर आदवासियों के जमीन को हड़प कर भीख मांगने के लिए कटोरा थमा देगी. सनत बेसरा ने कहा कि मसानजोर व मैथन डैम बनने के बाद वहां के लोग विस्थापन के नाम पर आज भीख मांग रहे हैं.
सुभाष हेंब्रम ने कहा कि डैम यहां आदिवासियों-मूलवासियों की लाश पर बनेगा. इस डैम के बनने से तीस-इकतीस गांवों के हजारों घर उजड़ जायेंगे. सभा में बरमसिया, ठाड़ीहाट, सुसनिया, कोआम, बंदरजोरा, जामा प्रखंड के बारा पंचायत के सैकड़ों की संख्या में आदिवासी सभा स्थल में हरवै-हथियार व तख्ती लिये पहुंचे थे. लोगों ने इस प्रोजेक्ट को लेकर हर स्तर पर विरोध करने की बात कही और अपनी एकजुटता की बदौलत सरकार को अपने निर्णय को वापस लेने पर मजबूर कर देने का संकल्प दुहराया. मौके पर मोरचा के अध्यक्ष लाल किस्कू, सचिव दिगंबर मरांडी, रंगू हेंब्रम, मुन्ना मुर्मू, सतीश सोरेन, लंबू, सोनिया बेसरा, सुनील मुर्मू आदि मौजूद थे.
भुरभुरी नदी पर वृहत जलाशय योजना के निर्माण का विरोध
पारंपरिक हथियार से लैस होकर पहुंचे सभा में आदिवासी. फोटो ।

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