दुमका : दुमका सदर अस्पताल का पुराना भवन दिनों दिन असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है. पुराने अस्पताल के पीछे 300 शैय्या वाला नया सदर अस्पताल का भवन बनने के बाद इसकी उपयोगिता खत्म हो गयी है. ऐसे में अंधेरा होते ही जुआरी, शराबी और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा यहां लगना शुरू हो जाता है.
इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सदर अस्पताल के दायी ओर मलेरिया कार्यालय जाते समय जमीन पर नशे की दवाइयां, शराब की खाली बोतलें और अन्य नशीली चीजें फेंकी रहती है. स्थानीय लोगों ने बताया कि इसकी सूचना कई बार पुलिस प्रशासन को भी दी गयी है, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ है. यहां आये दिन रात में असामाजिक तत्व आकर नशा करने के बाद हल्ला-गुल्ला और गाली-गलौज भी करते है़ं ऐसे में रात के समय इस रास्ते लोगों को गुजरने में हिचकिचाहट महसूस होती है और भय भी लगता है.
