माया में फंसे जीव का नहीं होता कल्याण : विजय शास्त्री

बासुकिनाथ : तालझारी थाना के कालाडुमरिया गांव में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान सप्ताह के चौथे दिन श्रोताओं ने भक्ति के सागर में डुबकी लगाकर अपने जीवन को धन्य किया. कथा व्यास विजय शास्त्री के मुखारबिंद से निकले हुए अमृत वाणी को सुनने के लिए श्रोताओं की भीड़ जुटी. कथा व्यास ने कहा कि इस माया रूपी […]

बासुकिनाथ : तालझारी थाना के कालाडुमरिया गांव में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान सप्ताह के चौथे दिन श्रोताओं ने भक्ति के सागर में डुबकी लगाकर अपने जीवन को धन्य किया. कथा व्यास विजय शास्त्री के मुखारबिंद से निकले हुए अमृत वाणी को सुनने के लिए श्रोताओं की भीड़ जुटी. कथा व्यास ने कहा कि इस माया रूपी संसार सागर में रह कर के प्रभु का चिंतन न करके पारिवारिक चिंतन में ही रहने से जीव का उद्धार नहीं होता है. उन्होंने कहा कि यह संसार स्वार्थता में है. इस प्रसंग में व्यास जी ने गजेंद्र मोक्ष की कथा सुनाई. कथा के सफल संचालन में पांडव कापरी कुलदेव मिर्धा सहित अन्य सदस्य लगे हुए हैं.

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