दुमका: पीएम की सभा का मिला लाभ/दुमका, जामा व शिकारीपाड़ा की सीट तो दूर जमानत भी नहीं बचवा सका राहुल इफैक्ट

संवाददाता, दुमकाझामुमो के गढ़ माने जाने वाले संताल परगना और खासकर दुमका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा ने अच्छा असर दिखाया और 37 साल बाद यहां की सीट पर भाजपा ने अपनी वापसी की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में जिस तरह की भारी भीड़ उमड़ी थी और उनके संबोधन से दुमका के लोग […]

संवाददाता, दुमकाझामुमो के गढ़ माने जाने वाले संताल परगना और खासकर दुमका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा ने अच्छा असर दिखाया और 37 साल बाद यहां की सीट पर भाजपा ने अपनी वापसी की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में जिस तरह की भारी भीड़ उमड़ी थी और उनके संबोधन से दुमका के लोग प्रभावित हुए थे, उसका असर इस बार के मतदान पर खूब दिखा. जिन जगहों पर झामुमो को काफी तादाद में वोट मिलते थे, उन बूथों में झामुमो को पिछड़ना पड़ा. यही वजह रही की शहरी ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी भाजपा प्रत्याशी को बढ़त मिलती रही. कुछ चक्रों में बढ़त का अंतर कम जरुर हुआ, पर किसी भी चक्र में भाजपा से झामुमो प्रत्याशी सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आगे नहीं निकल सके. नहीं काम आया राहुल का आनाकांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी की जनसभा का भी शिकारीपाड़ा में कोई लाभ नहीं हुआ. यहां कांग्रेस चौथे स्थान पर रही. कांग्रेस के राजा मरांडी को महज 7877 वोट ही प्राप्त हुए और वे जमानत भी नहीं बचा सके. यही हाल दुमका में भी रहा. जहां कांग्रेस प्रत्याशी सागेन मुर्मू महज 3615 वोट ही ला सके. जामा में मार्शल मरांडी को 2320 वोट लाकर पांचवे स्थान पर ही संतोष करना पड़ा. उनसे आगे निर्दलीय भोलानाथ गृही रहे. कांग्रेस के ये तीनो प्रत्याशी को राहुल की सभा में मंच साझा करने का भी अवसर मिला था. हालांकि उस सभा में बादल नहीं पहुंचे थे. बादल के इलाके में राहुल गांधी की कोई सभा भी नहीं हुई थी, बावजूद वे कांग्रेस को सीट दिलाने में सफल रहे. बादल पिछले पांच साल से लगातार जनसंपर्क कर रहे थे. एक गांव-एक रात का अभियान चलाया था. जिसका भरपूर लाभ उन्हें मिला. यहां उन्होंने दो बार के विधायक रहे पूर्व मंत्री हरिनारायण राय को शिकस्त दी.—————–

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >