चार साल से पशु चिकित्सालय बंद

नारायणपुर : पशु चिकित्सा के मामले में ना तो सरकार गंभीर है ना ही जिला प्रशासन. यही कारण है कि पशु चिकित्सालयों की स्थिति बदहाल है. नारायणपुर का पशु चिकित्सालय में अधिकारियों के नहीं रहने के कारण इसका लाभ पशुपालकों को नहीं मिल पा रहा है. यहां चार साल से पशु चिकित्सक नहीं हैं. यहां […]

नारायणपुर : पशु चिकित्सा के मामले में ना तो सरकार गंभीर है ना ही जिला प्रशासन. यही कारण है कि पशु चिकित्सालयों की स्थिति बदहाल है. नारायणपुर का पशु चिकित्सालय में अधिकारियों के नहीं रहने के कारण इसका लाभ पशुपालकों को नहीं मिल पा रहा है.

यहां चार साल से पशु चिकित्सक नहीं हैं. यहां टीभीओ को प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी का अतिरिक्त पदभार किया गया था. वर्तमान समय टीभीओ कामेसर शर्मा का स्थानांतरण धनबाद जिले के गोविंदपुर प्रखंड में हो गया है. जिसके कारण यहां दोनों पद रिक्त हो गया. लोगों को झोला छाप चिकित्सकों पर आश्रित रहना पड़ रहा है.

क्या कहते हैं ग्रामीण : इस संबंध में ग्रामीण राजेश मंडल, मनोज पंडित, भैरो हेंब्रम, बेगन महरा समेत अन्य ने बताया कि मुख्यालय स्थित पशु चिकित्सालय में चिकित्सक की उपस्थिति नगण्य है. यहां कि चिकित्सा व्यवस्था पशुधन सहायक ओम प्रकाश तथा चपरासी अंसारी के भरोसे चलता है.

जब भी चिकित्सालय जाते हैं चिकित्सक अनुपस्थित मिलते हैं. इन दोनों के द्वारा ही थोड़ा बहुत इलाज होता है. ग्रामीणों यहां सभी कर्मियों की नियुक्ति की मांग की है.

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