दुमका : दुमका में चल रहे भारतीय सेना की बहाली के दूसरे दिन झारखंड से बाहर के 40 ऐसे अभ्यर्थियों को चिह्नित किया गया है, जिन्होंने फर्जी दस्तावेज के आधार पर बहाल होने की कोशिश की. बहाली प्रक्रिया में बरती जा रही सावधानी और दस्तावेजों की बारीकी से हो रही जांच में ये अभ्यर्थी पकड़े गये.
इनमें से अधिकांश के पास साहिबगंज जिला के एसपी के फर्जी हस्ताक्षर व मुहर से जारी ऐसे चरित्र प्रमाण-पत्र मिले हैं, जिन पर न तो अभ्यर्थी का नाम लिखा हुआ है न ही पता. जो फोटो चिपकाये पाये गये हैं उसे भी स्टेपल से सर्टिफिकेट में लगाया गया था. सेना भर्ती के निदेशक कर्नल दीपक दयाल ने बताया कि ये अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश के हैं.
खुद को झारखंड का दर्शाते हुए ऐसे प्रमाण पत्रों की बदौलत बहाल होने की कोशिश कर रहे थे.
रैकेट ने उपलब्ध कराया यूपी के युवाओं को फर्जी सर्टिफिकेट : मिली जानकारी के मुताबिक, ये अभ्यर्थी दौड़ भी पूरी कर चुके थे और शारीरिक अर्हता से भी गुजर चुके थे, पर दस्तावेजों की जांच के बाद इन्हें पकड़ा गया. फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बहाल होने की जुगत लगाये अभ्यर्थियों को किसी रैकेट ने ये चरित्र प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया था, ऐसी बातें प्रारंभिक तौर पर स्पष्ट हुई हैं. बहरहाल इनके खिलाफ कारवाई के लिए पहल शुरू कर दी गयी है. सेना की ओर से जारी प्रेस बयान में कहा गया है कि बहाली के दूसरे दिन गुमला, साहिबगंज व हजारीबाग के 3926 अभ्यर्थी दौड़ में शामिल हुए, जिसमें से 282 लिखित परीक्षा के लिए चयनित हुए. पकड़े गये फर्जी 40 अभ्यर्थियों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया. दूसरे दिन यदि कोई फर्जी सर्टिफिकेट के साथ अभ्यर्थी पकड़े गये, तो उन्हें स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया जायेगा.
कल से शुरू हुई है सेना में बहाली
झारखंड की उपराजधानी दुमका में एक से 11 अप्रैल तक चलनेवाली बहाली प्रक्रिया को लेकर भारतीय सेना के रिक्रूटमेंट सेल के द्वारा जगह-जगह पर ऐसे दलालों से सावधान रहने को कहा गया है, जो भर्ती कराने की बात कहते हैं. ऐसे लोगों के बारे में सूचना देने की भी अपील की गयी है. बावजूद अभ्यर्थी झांसे में फंस कर धरे गये. अब इनके खिलाफ मामला दर्ज भी होगा और कार्रवाई भी होगी. उल्लेखनीय है कि मंगलवार को गुमला, साहिबगंज और हजारीबाग के अभ्यर्थियों का कॉल था.
