नौकरी से हटाए गए 11 श्रमिकों ने जीसीपीएल कंपनी का काम रोका, रोजगार की मांग

निरसा की जीसीपीएल कंपनी में 11 श्रमिकों ने स्थायी रोजगार की मांग को लेकर इंक्लाइन का काम बंद कर दिया है। प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया गया है।

निरसा के गोपीनाथपुर स्थित एमओबीपीएल में जीसीपीएल कंपनी के अधीन पिछले दो साल से कार्यरत 11 श्रमिकों ने स्थायी रोजगार की मांग को लेकर सोमवार को इंक्लाइन का काम बंद कर दिया. श्रमिकों का आरोप है कि उनके साथ काम करने वाले कई अन्य श्रमिकों को कंपनी में अस्थायी रूप से नियुक्त कर लिया गया, लेकिन इन 11 श्रमिकों को अब तक रोजगार से वंचित रखा गया है.

श्रमिकों के अनुसार जब वे पंप में कार्यरत थे, कंपनी प्रबंधन की ओर से उन्हें आश्वासन दिया गया था कि धीरे-धीरे उन्हें कंपनी में समायोजित कर लिया जाएगा. लेकिन दिसंबर में पंप सूख जाने के बाद उन्हें यह कहते हुए काम से बैठा दिया गया कि वे ठेकेदार के अधीन कार्यरत थे.

श्रमिकों का कहना है कि यदि सभी लोग ठेकेदार के अधीन थे, तो केवल 11 श्रमिकों को ही काम से क्यों बैठाया गया. रोजगार की समस्या को लेकर श्रमिकों ने कंपनी प्रबंधन से कई बार बातचीत भी की. इस दौरान कंपनी प्रबंधन ने समय मांगते हुए उन्हें काम पर रख लेने का आश्वासन दिया था.

हालांकि, करीब आठ माह बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ. इससे नाराज जलाधर बाउरी, व्यास नोनिया, विकास बाउरी, सियाराम कुमार, राहुल राम, गणेश बाउरी, बीरू भुइयां, बबलू धीबर, शिवू बाउरी, तुषार बाउरी और रोहित कुमार ने इंक्लाइन का काम बंद कर दिया है. श्रमिकों ने कंपनी प्रबंधन से जल्द वार्ता कर रोजगार की समस्या का समाधान करने की मांग की है.


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By अरिंदम चक्रवर्ती

अरिंदम चक्रवर्ती बीते 11 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। वे निरसा क्षेत्र की खबरों की रिपोर्टिंग और संपादकीय समन्वय का दायित्व निभाते हैं। स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और क्षेत्रीय घटनाओं पर तथ्यपरक एवं विश्वसनीय रिपोर्टिंग उनकी प्रमुख पहचान है।

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