जिले में बच्चों के नियमित टीकाकरण (रूटीन इम्यूनाइजेशन) व्यवस्था में जल्द ही बड़ा बदलाव होगा. इसका लाभ बच्चों के अभिभावकों को मिलेगा, जो कई बार जानकारी के अभाव या व्यस्तता के कारण बच्चों का टीकाकरण समय पर नहीं करा पाते थे. नयी व्यवस्था के लागू होने से टीकाकरण से कोई बच्चा नहीं छूटेगा. इसके लिए स्वास्थ्य चिकित्सा, शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से यू-वीन पोर्टल को तकनीकी रूप से अपग्रेड किया जा रहा है. यह व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल व अभिभावक केंद्रित होगी.
क्या है नयी व्यवस्था
अपग्रेडेड यू-वीन पोर्टल के तहत जैसे ही किसी बच्चे का रजिस्ट्रेशन किया जायेगा, सिस्टम स्वतः ही उसके अगले वैक्सीनेशन की पूरी जानकारी उपलब्ध करायेगा. इसमें वैक्सीन का नाम, टीकाकरण की तिथि और स्थान जानकारी शामिल होगी. यही नहीं वैक्सीनेशन की निर्धारित तिथि से दो दिन पहले अभिभावकों को कॉल कर इसकी जानकारी भी दी जायेगी, ताकि वे पहले से तैयारी कर सकें. इससे टीकाकरण भूलने की समस्या लगभग समाप्त हो जायेगी.टीकाकरण के बाद भी होगा फॉलोअप
नयी व्यवस्था के तहत टीकाकरण की तिथि के दो दिन बाद फिर से अभिभावकों को कॉल कर पूछा जायेगा कि बच्चे का टीकाकरण हुआ या नहीं. यदि किसी कारणवश टीका नहीं लग पाया है, तो अभिभावकों को दोबारा मार्गदर्शन दिया जायेगा और नजदीकी टीकाकरण केंद्र की जानकारी उपलब्ध करायी जायेगी. इससे ड्रॉपआउट मामलों में भारी कमी आयेगी.मुख्यालय स्तर पर बनाया गया यू-वीन कंट्रोल रूम
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए मुख्यालय स्तर पर यू-वीन का विशेष कंट्रोल रूम संचालित किया जा रहा है. यह कंट्रोल रूम कॉलिंग सिस्टम, फॉलोअप और टीकाकरण से जुड़े डेटा की निगरानी करेगा. कंट्रोल रूम के जरिए यह भी सुनिश्चित होगा कि किसी भी बच्चे का नाम टीकाकरण सूची से छूटे नहीं. सभी को समय पर जरूरी टीके मिलें.इन जिलों में लागू हो चुकी है नयी व्यवस्था
राज्य के रांची और दुमका जैसे जिलों में यह नयी व्यवस्था लागू भी कर दी गयी है. इन जिलों से मिल रहे फीडबैक के अनुसार अभिभावकों की भागीदारी बढ़ी है और टीकाकरण की नियमितता में भी सुधार देखा गया है.नयी व्यवस्था से होंगे यह लाभ
टीकाकरण छूटने की समस्या खत्म : कॉल और फॉलोअप सिस्टम से कोई भी टीका छूटने की संभावना कम हो जायेगी.अभिभावकों को मिलेगी सुविधा : तारीख याद रखने की चिंता खत्म होगी, सिस्टम खुद जानकारी देगा.
बच्चों की सेहत होगी अधिक सुरक्षित : समय पर टीकाकरण से बच्चों को खसरा, पोलियो, डिप्थीरिया जैसी गंभीर बीमारियों से सुरक्षा मिलेगी.स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में होगा सुधार : डिजिटल रिकॉर्ड और फॉलोअप से टीकाकरण का डेटा अपडेट रहेगा.
स्वास्थ्यकर्मियों का काम होगा आसान : एएनएम और आंगनबाड़ी कर्मियों को बच्चों की ट्रैकिंग में सुविधा होगी.