ऊर्जा मित्र संघ का ऐलान, बकाया वेतन नहीं मिला तो 17 जून को होगा प्रदर्शन

Dhanbad News: धनबाद और चास के ऊर्जा मित्रों, कंप्यूटर ऑपरेटरों तथा सुपरवाइजरों ने लंबित वेतन भुगतान को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है. झारखंड राज्य ऊर्जा मित्र संघ ने कहा है कि 13 जून तक बकाया राशि नहीं मिली तो 17 जून को धनबाद में प्रदर्शन किया जाएगा. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

धनबाद से विक्की प्रसाद की रिपोर्ट

Dhanbad News: झारखंड राज्य ऊर्जा मित्र संघ ने धनबाद और चास अंचल में कार्यरत ऊर्जा मित्रों, कंप्यूटर ऑपरेटरों और सुपरवाइजरों के लंबित वेतन भुगतान को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है. संघ ने बिजली विभाग के अधिकारियों को त्राहिमाम पत्र सौंपते हुए कहा है कि यदि 13 जून 2026 तक सभी बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो 17 जून को व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा.

लंबे समय से वेतन भुगतान का इंतजार

संघ के अनुसार धनबाद और चास क्षेत्र में कार्यरत सैकड़ों ऊर्जा मित्र, कंप्यूटर ऑपरेटर और सुपरवाइजर कई महीनों से वेतन भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे हैं. लगातार काम करने के बावजूद उन्हें समय पर मानदेय नहीं मिल रहा है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है. ऊर्जा मित्र बिजली उपभोक्ताओं के बीच बिलिंग, रीडिंग और अन्य तकनीकी कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इसके बावजूद वेतन भुगतान में लगातार हो रही देरी से कर्मियों में असंतोष बढ़ रहा है.

बिलिंग एजेंसी पर वादा निभाने में विफल रहने का आरोप

झारखंड राज्य ऊर्जा मित्र संघ के संस्थापक संतोष कुशवाहा द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि बिलिंग एजेंसी फ्यूजन सीएक्स प्राइवेट लिमिटेड ने 17 मई 2026 को ई-मेल के माध्यम से यह आश्वासन दिया था कि 13 जून तक सभी लंबित वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा. संघ का आरोप है कि इससे पहले भी एजेंसी कई बार वेतन भुगतान का भरोसा दे चुकी है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं हुई. बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद कर्मियों के खाते में वेतन नहीं पहुंचा है, जिससे कर्मचारियों का भरोसा कमजोर हुआ है.

आर्थिक संकट से जूझ रहे कर्मचारी

संघ का कहना है कि वेतन नहीं मिलने के कारण अनेक कर्मचारियों के सामने परिवार चलाने की समस्या खड़ी हो गई है. बच्चों की पढ़ाई, घर का किराया, चिकित्सा खर्च और दैनिक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है. ऊर्जा मित्रों का कहना है कि वे नियमित रूप से अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन उनके श्रम का उचित प्रतिफल समय पर नहीं मिल रहा है. इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों पर मानसिक एवं आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है.

विभागीय अधिकारियों को भेजी गई प्रतिलिपि

संघ द्वारा सौंपे गए पत्र की प्रतिलिपि बिजली विभाग के जीएम, धनबाद और चास के विद्युत अधीक्षण अभियंताओं को भी भेजी गई है. पत्र के माध्यम से अधिकारियों से हस्तक्षेप कर जल्द भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की गई है. संघ का कहना है कि यदि विभाग और एजेंसी मिलकर इस समस्या का समाधान करें तो आंदोलन की नौबत नहीं आएगी. कर्मचारियों की प्राथमिक मांग केवल बकाया वेतन का समय पर भुगतान है.

17 जून को प्रदर्शन की चेतावनी

ऊर्जा मित्र संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि 13 जून तक वेतन भुगतान नहीं हुआ तो 17 जून को विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत मिश्रित भवन स्थित कार्यालय परिसर से रैली निकाली जाएगी, जो रणधीर वर्मा चौक होते हुए विद्युत अधीक्षण अभियंता, धनबाद कार्यालय तक पहुंचेगी. संघ ने कहा है कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा, लेकिन यदि कर्मचारियों की जायज मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है.

इसे भी पढ़ें: सरायकेला पुलिस की बड़ी सफलता: प्रोजेक्ट मिलाप से 55 गुमशुदा परिजनों से मिले, 133 मोबाइल भी हुए बरामद

समाधान की उम्मीद

फिलहाल ऊर्जा मित्र, कंप्यूटर ऑपरेटर और सुपरवाइजर 13 जून की निर्धारित तिथि का इंतजार कर रहे हैं. सभी की नजरें अब बिलिंग एजेंसी और बिजली विभाग पर टिकी हैं. यदि समय पर भुगतान हो जाता है तो संभावित आंदोलन टल सकता है, लेकिन भुगतान में देरी जारी रही तो 17 जून को धनबाद में बड़ा प्रदर्शन देखने को मिल सकता है.

इसे भी पढ़ें: पलामू टाइगर रिजर्व में 14 घंटे चली वाटरहोल गणना, पानी पीने आने वाले वन्यजीवों की हुई मैपिंग

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >