मुनीडीह कोल वाशरी में कार्यरत फिटर ऑपरेटर दिलीप प्रसाद (53) का निधन मंगलवार की रात करीब डेढ़ बजे मुनीडीह अस्पताल में इलाज के दौरान हो गया. इसके बाद बुधवार की सुबह मृतक के परिजनों व स्थानीय लोगों ने डब्ल्यूजे एरिया के मुनीडीह रीजनल अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान अस्पताल पहुंच एरिया मेडिकल ऑफिसर सुरजीत मंडल को आक्रोशित लोगों ने अस्पताल के गेट पर ही रोक दिया. प्रदर्शनकारियों में मुखिया सह सांसद प्रतिनिधि मनोज सिंह, जमसं नेता सह मुखिया रमेश सिंह, प्रीतम रवानी, छोटू सिंह, सुधीर सिंह, शंकर गोराई, दयाशंकर सिंह, हैदर अली, रोहित सिंह, विष्णु सिंह, उपमुखिया अखिलेश सिंह, किसन सिंह, निरंजन कुमार आदि शामिल थे. स्थानीय मुखिया मनोज सिंह ने बताया कि रात्रि पाली ड्यूटी के डॉ पीपी घोष गायब थे. उन्हें मोबाइल पर सूचना दी गयी, तो पता चला कि वे बोकारो में है. फोन पर ही वह अस्पताल कर्मियों को इलाज की सलाह देते रहे. उन्होने कहा कि अगर चिकित्सक अस्पताल में रहते तो शायद मरीज की जान बच सकती थी. वहीं जमसं नेता सह मुखिया रमेश सिंह ने डॉ पीपी घोष को निलंबित करने की ूमांग की. प्रोजेक्ट ऑफिसर ने आक्रोशित लोगों से की वार्ता सूचना पाकर अस्पताल पहुंचे मुनीडीह प्रोजेक्ट ऑफिसर एसके पांजा ने आक्रोशित लोगों से वार्ता की. उन्होंने जीएम के आने के बाद आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया. इसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कराया. मृतक के पुत्र शुभम प्रसाद एवं राज प्रसाद ने बताया कि रात करीब साढ़े 12 बजे जटूडीह स्थित आवास में उनके पिता की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें मुनीडीह अस्पताल ले गये. वहां कोई चिकित्सक नहीं थे.
Dhanbad News: मरीज की मौत पर मुनीडीह रीजनल अस्पताल में हंगामा, प्रदर्शन
मंगलवार की रात मुनीडीह कोलवाशरी कर्मी की इलाज के दौरान हुई मौत. परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही व डॉक्टर के गायब रहने का आरोप.
