बारिश-हवा में गुल हो जाती है बिजली, जर्जर छाताबाद फीडर बना परेशानी

टुंडी में विद्युत उपकेंद्र होने के बावजूद स्थानीय लोग लोधरिया सबस्टेशन पर निर्भर हैं। जर्जर लाइन के कारण उपभोक्ताओं को बार-बार बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।

टुंडी मुख्यालय और बाजार के बिजली उपभोक्ताओं की स्थिति विडंबनापूर्ण है. प्रखंड कार्यालय के पास विद्युत उपकेंद्र मौजूद है, बावजूद इसके टुंडी मुख्यालय और बाजार को लोधरिया सबस्टेशन से छाताबाद फीडर से विद्युतापूर्ति की जा रही है.

लंबी और जर्जर फीडर लाइन के कारण मामूली बारिश और हवा में भी बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है. उमस भरे मौसम में लंबे समय तक बिजली गुल रहने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

ग्रामीण फीडर से आपूर्ति होने पर समस्या

स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली विभाग उनसे शहरी दर से बिल की वसूली करता है, पर आपूर्ति के लिए उन्हें लंबी छाताबाद फीडर पर निर्भर रहना पड़ता है. यह फीडर कई हिस्सों में जर्जर है और जंगल क्षेत्रों से होकर गुजरती है. ऐसे में फॉल्ट आने या मौसम खराब होने पर आपूर्ति बहाल करने में भी समय लगता है.

टुंडी में विद्युत उपकेंद्र मौजूद लेकिन आपूर्ति नहीं

ग्रामीणों का कहना है कि टुंडी में ही विद्युत उपकेंद्र बन जाने के बावजूद स्थानीय उपभोक्ताओं को उसी से बिजली नहीं मिलना समझ से परे है. इससे टुंडी बाजार और मुख्यालय क्षेत्र के दुकानदारों, व्यवसायियों और घरेलू उपभोक्ताओं को नियमित बिजली संकट झेलना पड़ रहा है.

100 मीटर दूर से गुजरती है 11 हजार वोल्ट लाइन

ग्रामीणों के अनुसार टुंडी विद्युत उपकेंद्र से महज करीब 100 मीटर की दूरी से छाताबाद फीडर की 11 हजार वोल्ट की लाइन गुजरती है. उनका कहना है कि तकनीकी रूप से संभव हो तो टुंडी बाजार और मुख्यालय को स्थानीय उपकेंद्र से जोड़कर लंबी फीडर पर निर्भरता कम की जा सकती है.

ग्रामीणों ने की टुंडी विधायक से पहल की मांग

ग्रामीणों ने टुंडी विधायक से मामले में पहल कर टुंडी बाजार और मुख्यालय को टुंडी उपकेंद्र से जोड़ने की मांग की है. साथ ही शहरी दर से बिजली बिल वसूली के मामले की भी समीक्षा कराने की मांग की गयी है.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Chandrasekhar singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >