पूर्वी टुंडी में गोविंदपुर-साहिबगंज सड़क के फोरलेनिंग कार्य में लगी कंपनी त्रिवेणी इंजिकोन्स के शंकरडीह स्थित मुख्य गेट के बाहर बुधवार को वाहन चालकों ने वेतन कटौती और अनियमित भुगतान को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. बड़ी संख्या में चालक कंपनी के गेट के बाहर एकत्र हुए और अपनी मांगों को लेकर हंगामा किया. चालकों का आरोप था कि उन्हें समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है. इसके अलावा विभिन्न कारणों का हवाला देकर वेतन में कटौती की जा रही है. चालकों ने यह भी आरोप लगाया कि कर्मियों और वाहन चालकों को काम से हटाने के लिए तरह-तरह के आरोप लगाए जाते हैं.
हंगामे की सूचना मिलने के बाद पूर्वी टुंडी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया. इसके बाद कंपनी प्रबंधन और वाहन चालकों के बीच वार्ता करायी गयी. वार्ता के दौरान चालकों की समस्याओं और उनकी मांगों पर चर्चा हुई. दोनों पक्षों के बीच समस्याओं के समाधान को लेकर सहमति बनने के बाद चालकों ने अपना विरोध समाप्त कर दिया. इसके बाद सभी चालक काम पर लौट गये.
भुगतान और वेतन कटौती को लेकर उठे सवाल
चालकों के अनुसार, नियमित रूप से काम करने के बावजूद भुगतान में देरी और वेतन में कटौती की समस्या से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. उनका कहना था कि भुगतान समय पर नहीं मिलने से परिवार चलाने में भी कठिनाई होती है. हालांकि, कंपनी की ओर से चालकों द्वारा लगाए गए आरोपों पर विस्तृत पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका है. वार्ता के बाद बनी सहमति के तहत चालकों ने फिलहाल आंदोलन समाप्त कर दिया.
सड़क निर्माण की धीमी गति से स्थानीय लोग भी परेशान
इधर, सड़क निर्माण कार्य की गति और कंपनी की कार्यशैली को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी बतायी जा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर सड़क निर्माण का काम अधूरा पड़ा हुआ है. इससे सड़क किनारे दुकान लगाने वाले और अन्य व्यवसाय करने वाले लोगों को परेशानी हो रही है. कई जगह मिट्टी की खुदाई कर उसे खुला छोड़ दिये जाने से आवागमन में भी दिक्कत हो रही है.
बारिश में कीचड़ से बढ़ी परेशानी
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि कंपनी की ओर से कई स्थानों पर मुख्य रूप से मिट्टी कटाई का काम किया जा रहा है, जबकि निर्माण कार्य की गति अपेक्षाकृत धीमी है. बारिश होने के बाद निर्माणाधीन सड़क और आसपास के हिस्सों में कीचड़ की स्थिति बन जा रही है. इससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी हो रही है.
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने, अधूरे हिस्सों को सुरक्षित तरीके से पूरा करने तथा बारिश के दौरान आवागमन में होने वाली परेशानी को कम करने की मांग की है. वहीं, वाहन चालकों के विरोध के बाद हुई वार्ता में सहमति बनने से फिलहाल कामकाज सामान्य हो गया है.
