Dhanbad News: भ्रमणशील रहकर नवजात शिशुओं का करें संपूर्ण इलाज : डीसी

उपायुक्त ने की राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा, दिये कई निर्देश

उपायुक्त आदित्य रंजन ने गुरुवार को समाहरणालय सभागार में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य जन्म से 18 वर्ष की आयु तक के बच्चों के लिए व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है. इसमें जन्मजात दोषों, बीमारियों, पोषण संबंधी कमियों की शुरुआती पहचान करना व बच्चे का संपूर्ण इलाज कराना शामिल है. उन्होंने जिले के सभी 31 आयुष मेडिकल ऑफिसर को अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर ऐसे नवजात शिशुओं की जांच कर उनका संपूर्ण इलाज करने के निर्देश दिये. वहीं आंगनबाड़ी व स्कूलों में मोबाइल हेल्थ टीम तथा घर पर जन्म लेने वाले बच्चों की आशा कार्यकर्ताओं द्वारा जांच कराने के निर्देश दिये. बैठक में उप विकास आयुक्त सन्नी राज, सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा, डॉ रोहित गौतम, सभी आयुष मेडिकल ऑफिसर मौजूद थे.

बच्चों का डाटा विद्यालय अनुसार करें संग्रहित : डीडीसी

बैठक में उप विकास आयुक्त सन्नी राज ने कहा कि सभी बच्चों का विद्यालय के अनुसार डाटा संग्रहित करें. बीमारी से ग्रसित एक भी बच्चा उपचार से वंचित नहीं रहेगा. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में तंत्रिका नलिका दोष, डाउंस सिन्ड्रोम, होंठ और तालू में दरार, केवल तालू में दरार, टैलिप्स (क्लब फुट), कूल्हे का विकासात्मक डिसप्लेसिया, जन्मजात मोतियाबिंद, जन्मजात बहरापन आदि सहित जन्म के समय 32 कमियों को शामिल किया गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By ASHOK KUMAR

ASHOK KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >