धनबाद. आइआइटी आइएसएम धनबाद के फ्यूल, मिनरल्स एंड मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग (एफएमएमई) विभाग की ओर से राइट्स लिमिटेड के कर्मचारियों के लिए तीन दिवसीय एग्जीक्यूटिव डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का विषय ‘माइनिंग एंड क्वॉरिंग : फोकस ऑन क्वालिटी असेसमेंट ऑफ कोल, आयरन ओर एंड एसोसिएटेड मिनरल्स’ था. कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के एग्जीक्यूटिव डेवलपमेंट सेंटर में किया गया.
कार्यक्रम का उद्देश्य राइट्स कर्मियों की तकनीकी जानकारी के साथ उनकी व्यावसायिक समझ को बेहतर बनाना था. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कोयला, लौह अयस्क और संबंधित खनिजों के गुणवत्ता आकलन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गयी. इसके अलावा खनिज प्रसंस्करण और उससे संबंधित तकनीकी विषयों पर भी विशेषज्ञों ने जानकारी साझा की.
विशेषज्ञों के साथ संवाद का अवसर
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आइआइटी आइएसएम के विशेषज्ञों के साथ संवाद करने का अवसर मिला. इससे उन्हें खनिजों की गुणवत्ता के आकलन और प्रसंस्करण से जुड़े तकनीकी विषयों को व्यावहारिक दृष्टिकोण से समझने का अवसर मिला. कार्यक्रम में तकनीकी जानकारी को औद्योगिक कार्यप्रणाली से जोड़ने पर भी जोर दिया गया.
संस्थान के अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम का उद्घाटन डीन (कंटिन्यूइंग एजुकेशन एंड आउटरीच) प्रो. केका ओझा, एफएमएमई विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. शत्रुघ्न सोरेन, पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. सुमंत्र भट्टाचार्य, विजिटिंग प्रोफेसर डॉ. डीके सिंह, कोर्स कोऑर्डिनेटर प्रो. आरती कुमारी और को-कोऑर्डिनेटर प्रो. राजशेखर रेड्डी बुसीगारी की मौजूदगी में हुआ.
कार्यक्रम का समन्वय प्रो. आरती कुमारी और प्रो. राजशेखर रेड्डी बुसीगारी ने किया. तीन दिवसीय प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को खनन और खनिज क्षेत्र में गुणवत्ता आकलन से जुड़े तकनीकी विषयों की जानकारी उपलब्ध करायी गयी.
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