सुदामडीह थाना क्षेत्र के एक बीसीसीएल क्वार्टर में 14 वर्षीय नाबालिग आदिवासी किशोरी के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे तीन आरोपितों को पुलिस ने रविवार को बिहार के आरा स्टेशन के समीप से गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपितों में अजान अंसारी (19), रंजन कुमार साव (35) और दयाशंकर यादव (20) शामिल हैं. पुलिस ने तीनों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद सोमवार को धनबाद जेल भेज दिया. आरोपितों के पास से चार मोबाइल फोन भी बरामद किये गये हैं.
तकनीकी साक्ष्यों से आरा तक पहुंची पुलिस
सुदामडीह थाना प्रभारी आकृष्ट अमन के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों का पीछा किया. टीम में पाथरडीह थाना प्रभारी बिट्टू कुमार, तिसरा थाना प्रभारी प्रभात रंजन कुमार और अफरोज आलम शामिल थे.
थाना प्रभारी के अनुसार, जांच में पता चला कि तीनों आरोपित धनबाद के भूली स्टेशन से एक साथ बिहार के भोजपुर जिले के आरा के लिए रवाना हुए थे. आरा पहुंचने के बाद दयाशंकर यादव एक रिश्तेदार के यहां गया, जबकि तीनों ने स्टेशन के समीप स्थित पवना लॉज में शरण ली थी.
पहचान छिपाने के लिए बाल मुंडवाने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, पहचान छिपाने के लिए रंजन कुमार साव ने अपने सिर के बाल मुंडवा लिये थे. दयाशंकर यादव भी बाल मुंडवाने के लिए सैलून पहुंचा था. इसी दौरान पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
जांच में यह भी सामने आया कि रंजन कुमार साव का एक दोस्त भूली में रहता है. पुलिस के अनुसार, रंजन का दोस्त मोटरसाइकिल लेकर भूली पहुंचा था और उसकी मदद से तीनों वहां से निकलने में सफल हुए थे. इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी.
स्टेशन के पास घेराबंदी कर दो आरोपित पकड़े गये
पुलिस को सूचना मिली कि तीनों आरा से फरार होने की तैयारी में हैं. इसके बाद टीम ने स्टेशन के आसपास घेराबंदी की. थाना प्रभारी के अनुसार, इसी दौरान अजान अंसारी सामने से आता दिखाई दिया. पुलिस को देखते ही वह भागने लगा और उसने रंजन साव को भी भागने का इशारा किया. पुलिस टीम ने पीछा कर दोनों को पकड़ लिया. वहीं दयाशंकर यादव को सैलून से गिरफ्तार किया गया.
पुलिस ने बताया कि बरामद मोबाइल फोन में मामले से संबंधित आपत्तिजनक फोटो और वीडियो मिले हैं. पुलिस इन इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की तैयारी में है.
किशोरी की उम्र का स्कूल रिकॉर्ड से सत्यापन
आरोपितों को जेल भेजने से पहले पुलिस टीम किशोरी के स्कूल पहुंची. वहां नामांकन पंजी में दर्ज जन्मतिथि और उम्र का सत्यापन किया गया. थाना प्रभारी ने बताया कि सोमवार को किशोरी का न्यायालय में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराया गया है.
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान तीनों आरोपितों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. मामले में पुलिस चारों आरोपितों का डीएनए परीक्षण कराने के लिए न्यायालय से अनुमति मांगने की तैयारी कर रही है. पुलिस का कहना है कि जांच में वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों को भी शामिल किया जा रहा है.
