Dhanbad News : राज्य की सभी बाजार समितियों की सुरक्षा भगवान भरोसे, दहशत में काम कर रहे कारोबारी

31 मार्च को ही सुरक्षा एजेंसी से एग्रीमेंट हो गया समाप्त, दो माह से नहीं है कोई सुरक्षा गार्ड

झारखंड की राजधानी रांची के बाद राज्य की दूसरी सबसे बड़ी मंडी धनबाद में दो माह से सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे है. रोजाना 10 करोड़ रुपये से अधिक का थोक कारोबार करने वाली इस मंडी में एक भी सुरक्षा गार्ड नहीं है. इससे व्यवसायियों में असुरक्षा का माहौल है. धनबाद की यह मंडी न केवल फलों की सबसे बड़ी थोक मंडी है, बल्कि यहां कई ब्रांडेड कंपनियों के डिपो और कुल 426 गोदाम व दुकानें हैं. इसके बावजूद 31 मार्च को सुरक्षा एजेंसी का एग्रीमेंट समाप्त हो जाने के बाद से यहां सुरक्षा का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया.

पहले आठ गार्ड व एक सूबेदार की थी तैनाती

: पूर्व में मंडी में आठ सुरक्षा गार्ड और एक सूबेदार की तैनाती थी, लेकिन एग्रीमेंट रिन्यू न होने के कारण सभी गार्ड हटा लिये गये. जानकारी के अनुसार, झारखंड कृषि विपणन बोर्ड का एक करार पटना की सुरक्षा एजेंसी के साथ था, जो राज्य की सभी 27 मंडियों में सुरक्षा व्यवस्था देखती थी. हर साल उसका नवीकरण होता था, परंतु इस वर्ष 31 मार्च को न न तो पुरानी एजेंसी का नवीनीकरण किया गया और न ही किसी नयी एजेंसी के लिए निविदा निकाली गयी. इस कारण न केवल धनबाद, बल्कि राज्य की अन्य मंडियों में भी सुरक्षा गार्डों की तैनाती समाप्त हो गयी है. स्थानीय व्यवसायी खुद के खर्च पर निजी स्तर पर एक गार्ड तैनात कर केवल खानापूर्ति कर रहे हैं.

चिंतित हैं व्यवसायी : विनोद गुप्ता, अध्यक्ष, जिला खाद्यान्न व्यवसायी संघ ने कहा कि बाजार समिति से सुरक्षा गार्ड हटा लिये गये हैं. पहले यहां आठ गार्ड और एक सूबेदार तैनात थे. अब सुरक्षा नहीं होने से व्यवसायी हमेशा चिंता में रहते हैं. हम व्यवसायी आपस में मिलकर एक गार्ड की व्यवस्था की है, लेकिन वह पर्याप्त नहीं है. बाजार समिति सचिव को कई बार सुरक्षा व्यवस्था के लिए अनुरोध किया गया है.

कोट

31 मार्च को सुरक्षा एजेंसी का अनुबंध समाप्त हो गया है. मुख्यालय स्तर से ही इस पर निर्णय लिया जाना है. अपने स्तर से व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया है. मुख्यालय को पत्र लिखा गया है और अब पुनः रिमाइंडर भेजा जा रहा है. विपुल कुमार, सचिव, बाजार समिति धनबाद

मुख्य तथ्य :

धनबाद में झारखंड की दूसरी सबसे बड़ी मंडी

प्रतिदिन 10 करोड़ रुपये से अधिक का होता है कारोबार

कुल 426 गोदाम और दुकानें

राज्य की सबसे बड़ी फल मंडी

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By NARENDRA KUMAR SINGH

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