सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों में टीबी की दवा खत्म

जिलेभर में टीबी के फर्स्ट स्टेज के 900 मरीज प्रभावित

वरीय संवाददाता, धनबाद.

जिले के सरकारी अस्पतालों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आदि केंद्रों में ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) की दवा समाप्त हो चुकी है. लगभग एक माह से सरकारी अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचने वाले मरीजों को बिना दवा के ही लौटाया जा रहा है. इससे उन्हें परेशानी हो रही है. मरीजों को बाहर से टीबी की दवा खरीदनी पड़ रही है. जबकि, सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में टीबी की दवा नि:शुल्क मुहैया कराई जाती है.

फर्स्ट स्टेज वालों को दी जाने वाली दवा समाप्त :

जिले के सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में फर्स्ट स्टेज वाले टीबी के मरीजों को दी जाने वाली दवा एफडीसी-फोर का स्टॉक खत्म हो चुका है. प्रारंभिक जांच में टीबी की पुष्टि होने पर मरीजों को एफडीसी-फोर दवा खानी पड़ती है. उन्हें दिनभर में तीन वक्त यह दवा खाने की सलाह चिकित्सक देते हैं.

दो माह में 360 नए मरीजों की हुई पहचान :

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में फरवरी व मार्च, दाे माह में 360 टीबी के नए मरीजों (फर्स्ट स्टेज) की पहचान हुई है. वहीं जिले में फर्स्ट स्टेज वाले टीबी के मरीजों की कुल संख्या लगभग 900 है.

डॉ चंद्रभानु प्रतापन, सीएस : स्वास्थ्य मुख्यालय से टीबी के फर्स्ट स्टेज के मरीजों को दी जाने वाली दवा की आपूर्ति बंद है. मरीजाें को हो रही परेशानी से मुख्यालय के वरीय अधिकारियों को अवगत कराया गया है. दवा की आपूर्ति होते ही सभी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में दवा उपलब्ध करा दी जायेगी.

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By Prabhat khabar news desk

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