राज्य कर विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष में लक्ष्य 2968 करोड़ रुपये के मुकाबले 2450 करोड़ रुपये राजस्व वसूला है. यह कुल लक्ष्य का 82.52 प्रतिशत है. विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष टैक्स दरों में कमी के बावजूद राजस्व संग्रह में पिछले साल की तुलना में 23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. राजस्व वसूली में सबसे बड़ा योगदान जीएसटी का रहा, इससे कुल 1823 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं. इसके अलावा वैट से 138 करोड़ रुपये की आय हुई है. शेष राशि अन्य मदों से जुटायी गयी है.
टैक्स संरचना में बदलाव से वसूली में आयी कमी
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, राजस्व वसूली में कमी के पीछे टैक्स संरचना में बदलाव अहम कारण रहा है. विदेशी शराब पर टैक्स दर 75 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत और देशी शराब पर पांच प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत कर दी गयी है. वहीं जीएसटी का स्लैब घटाये जाने का असर भी टैक्स पर पड़ा है.
कतरास अंचल सबसे आगे, दूसरे नंबर पर नागरीय अंचल
अंचलवार प्रदर्शन की बात करें तो कतरास अंचल सबसे अधिक वसूली कर पहले स्थान पर है. वहीं नागरिक अंचल दूसरे स्थान पर रहा. अन्य अंचलों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत संतुलित रहा. कतरास अंचल ने 127.20 प्रतिशत, नागरीय अंचल 108.81 प्रतिशत, बोकारो अंचल 90.89 प्रतिशत, धनबाद अंचल 76.55 प्रतिशत, झरिया अंचल 89.17 प्रतिशत, चिरकुंडा अंचल ने 94.36 प्रतिशत राजस्व वसूली की.
मुख्य बातें
कुल लक्ष्य : 2968 करोड़कुल वसूली : 2450 करोड़ (82.52%)
जीएसटी: 1823 करोड़वैट: 138 करोड़
अन्य मद : शेष राशि