स्पेक्ट्रम’26 के दूसरे दिन सोमवार को आइआइटी आइएसएम परिसर में तकनीकी नवाचार, प्रतिस्पर्धा और ज्ञानवर्धक सत्रों का अनोखा संगम देखने को मिला. दिनभर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में छात्रों ने अपनी तकनीकी दक्षता, रचनात्मकता और समस्या समाधान क्षमता का प्रदर्शन किया. जहां प्रतियोगिताओं ने प्रतिभागियों के कौशल को परखा, वहीं विशेषज्ञों के सत्रों ने करियर व उभरती तकनीकों को लेकर नयी दिशा दी. इलेक्ट्रॉनिक्स, कोडिंग व नवाचार से जुड़े इन आयोजनों में छात्रों की सक्रिय भागीदारी ने माहौल को उत्साह व ऊर्जा से भर दिया.
पीसीबी मिस्टिक ट्रायल्स : सर्किट डिजाइन में दिखी प्रतिभा
पीसीबी मिस्टिक ट्रायल्स में प्रतिभागियों को दिये गये प्रश्न के आधार पर सर्किट डिजाइन और उसका क्रियान्वयन करना था. इसमें पीसीबी डिजाइन, कंपोनेंट चयन और सर्किट की कार्यक्षमता का मूल्यांकन किया गया. प्रतियोगिता के फाइनल में आठ टीमों ने भाग लिया. आयोजन का संचालन पुष्कर राज, पीयूष सिंह और सारावनेश ने किया, मूल्यांकन आशुतोष रथ ने किया.इनोवेटर्स फोरम
वहीं दोपहर को पेनमैन ऑडिटोरियम में ऑनलाइन माध्यम से इनोवेटर्स फोरम का आयोजन किया गया. इसमें गूगल के फिजिकल डिजाइन इंजीनियर संचित कुलकर्णी ने छात्रों को करियर विकास, बुनियादी सिद्धांतों और एआई टूल्स के उपयोग पर अहम जानकारी दी. उन्होंने इंडस्ट्री की अपेक्षाओं, कार्यस्थल के माहौल व सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अवसरों पर भी प्रकाश डाला. कार्यक्रम का समन्वय सूर्यांश शुक्ला, शुभ्रोदीप दास और वैष्णवी सिंह ने किया. सत्र का समापन प्रश्नोत्तर के साथ अपराह्न 1:40 बजे हुआ.
कॉग्निट्रोनिक्स हैकाथॉन
कॉग्निट्रोनिक्स हैकाथॉन में छह टीमों ने जगह बनायी थी. प्रो. मनोज कुमार शर्मा ने प्रतिभागियों के प्रोजेक्ट का मूल्यांकन किया. इसमें टेकहंटर्स टीम पहले तथा बेक टीम दूसरे स्थान पर रही.
कोड एरिना
कार्यक्रम के अगले चरण में सेंट्रल लाइब्रेरी के रीडिंग हॉल में कोड एरिना प्रतियोगिता आयोजित की गयी. यह प्रतियोगिता कोडेट्रॉनिक्स क्लब के सहयोग से आयोजित की गयी, जिसमें छात्रों ने अपनी कोडिंग क्षमता का प्रदर्शन किया.
