Dhanbad News: मरीजों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे कुछ निजी अस्पताल

एसएनएमएमसीएच प्रबंधन ने कहा बिना किसी पूर्व सूचना व बेड की उपलब्धता की पुष्टि किये मरीजों को रेफर करना अनैतिक कृत्य.

By ASHOK KUMAR | January 11, 2026 1:04 AM

शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) प्रबंधन ने निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम की गंभीर गैर-जिम्मेदाराना प्रवृत्ति पर कड़ी आपत्ति जतायी है. एसएनएमएमसीएच के वरिष्ठ अस्पताल प्रबंधक डॉ सीएस सुमन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि कई निजी अस्पताल बिना किसी पूर्व सूचना व बेड की उपलब्धता की पुष्टि किये गंभीर रूप से बीमार मरीजों को सरकारी अस्पताल रेफर कर रहे हैं. यह न केवल अनैतिक है, बल्कि मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ भी है. उन्होंने बताया कि यह देखा जा रहा है कि जब निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों की हालत अत्यंत नाजुक हो जाती है और उनके बचने की संभावना लगभग खत्म हो जाती है, तब उन्हें एसएनएमएमसीएच रेफर कर दिया जाता है. अधिकांश मामलों में मरीज वेंटिलेटर पर होते हैं, लेकिन उनके साथ न तो प्रशिक्षित वेंटिलेटर टेक्नीशियन भेजे जाते हैं और न ही पहले यह जानकारी ली जाती है कि सरकारी अस्पताल में वेंटिलेटर बेड उपलब्ध है या नहीं.

मेडिकल नैतिकता का खुला उल्लंघन

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि ऐसी रेफरल प्रक्रिया मरीजों के साथ घोर अन्याय है. यह मेडिकल एथिक्स का स्पष्ट उल्लंघन है. बिना तैयारी व सूचना के मरीजों को ट्रांसफर करने से इलाज में देरी होती है, जिससे उनकी जान को और अधिक खतरा पैदा हो जाता है.

रेफर से पहले बेड की उपलब्धता जांचने की अपील

एसएनएमएमसीएच प्रबंधन ने सभी निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम से अपील की है कि किसी भी मरीज को रेफर करने से पहले अस्पताल में वेंटिलेटर बेड व अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता की विधिवत पुष्टि करें. डॉ सीएस सुमन ने राज्य सरकार, स्वास्थ्य विभाग व संबंधित अधिकारियों से इस गंभीर समस्या को तुरंत संज्ञान लेने की मांग की है. प्रबंधन ने नियमों का उल्लंघन करने वाले निजी अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है.

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