Dhanbad News: एसएनएमएमसीएच : चार दिन का ही एआरवी स्टॉक, टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं होने से बढ़ी चिंता

Dhanbad News: हर दिन 200 से अधिक मरीज पहुंच रहे इंजेक्शन लेने, डॉग बाइट के शिकार मरीजों की बढ़ सकती है परेशानी

Dhanbad News: हर दिन 200 से अधिक मरीज पहुंच रहे इंजेक्शन लेने, डॉग बाइट के शिकार मरीजों की बढ़ सकती है परेशानीDhanbad News: एसएनएमएमसीएच धनबाद में एंटी रेबिज वैक्सीन (एआरवी) का स्टॉक काफी कम बचा है. अस्पताल के एआरवी केंद्र में केवल 340 वाइल इंजेक्शन ही शेष बचे हैं. एक वाइल से चार मरीजों को इंजेक्शन दिया जाता है. यानी अब अस्पताल में सिर्फ 1360 मरीजों के लिए ही वैक्सीन बचा है. यह स्टॉक चार से पांच दिन में खत्म होने की संभावना है. एसएनएमएमसीएच में प्रतिदिन औसतन 200 से 300 मरीज कुत्ते, बिल्ली, सियार, बंदर आदि जानवरों के काटने के बाद एआरवी इंजेक्शन लेने पहुंचते हैं. इस रफ्तार से एआरवी का स्टॉक तेजी से घट रहा है. खास बात यह है कि पिछले कुछ सप्ताह में जानवरों के काटने की घटनाओं में वृद्धि हुई है. बरसात के बाद और त्योहार के मौसम में सड़क पर घूमने वाले कुत्तों की संख्या बढ़ने से मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है. हालांकि, अस्पताल प्रबंधन ने एआरवी आपूर्ति के लिए प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की बात कही है.

टेंडर की प्रक्रिया अबतक नहीं हुई शुरू

सबसे चिंताजनक बात यह है कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से अब तक एआरवी की आपूर्ति के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं की गयी है. अस्पताल सूत्रों के अनुसार टेंडर जारी करने और आपूर्ति आने में कम से कम दो से तीन सप्ताह का समय लगता है. ऐसे में आने वाले कुछ दिनों में अस्पताल में एआरवी की किल्लत होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है.

जानवरों के काटने पर 24 घंटे के अंदर इंजेक्शन लेना जरूरी

रेबिज एक ऐसा संक्रमण है, जो एक बार शरीर में फैलने पर लगभग असाध्य हो जाता है. समय पर वैक्सीन नहीं लेने पर मरीज की जान तक चली जाती है. विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी जानवर के काटने के 24 घंटे के भीतर एआरवी का पहला डोज दिया जाना जरूरी होता है. ऐसे में यदि इंजेक्शन की कमी हुई, तो रेबिज के मामलों में गंभीर संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है.

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