धनबाद. जिले में किसानों को पारंपरिक खेती के साथ ऐसी फसलों की खेती से जोड़ने की तैयारी है, जिनसे कम जमीन में अधिक उत्पादन और बेहतर बाजार मूल्य हासिल किया जा सके. कृषि विभाग ने इसके लिए मिर्च, पपीता समेत हाइब्रिड सब्जियों की खेती को बढ़ावा देने की योजना तैयार की है. योजना के पहले चरण में 60 किसानों को जोड़ा जायेगा. इसके लिए राज्य सरकार की ओर से करीब आठ लाख रुपये का बजट उपलब्ध कराया गया है.
बीज से बाजार तक दी जायेगी जानकारी
योजना के तहत चयनित किसानों को केवल बीज उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रखा जायेगा, बल्कि खेती की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी जायेगी. किसानों को उन्नत बीज के चयन से लेकर पौधों की रोपाई, सिंचाई की सही पद्धति, खाद और उर्वरक के संतुलित इस्तेमाल, कीट एवं रोगों से बचाव और फसल की देखभाल की तकनीक सिखायी जायेगी. मिर्च और पपीता के अलावा क्षेत्र में मांग और बाजार की स्थिति के अनुसार अन्य हाइब्रिड सब्जियों की खेती के लिए भी किसानों को प्रोत्साहित किया जायेगा.
उत्पादन बढ़ने से आमदनी बढ़ने की उम्मीद
कृषि विभाग का मानना है कि हाइब्रिड सब्जियों की नियमित बाजार मांग किसानों के लिए अतिरिक्त आमदनी का जरिया बन सकती है. वैज्ञानिक और उन्नत तकनीक से खेती करने पर समान क्षेत्रफल में उत्पादन बढ़ाने की संभावना रहती है. किसानों को उत्पादन के साथ फसल की बिक्री और बाजार से जुड़ी जरूरी जानकारी भी दी जायेगी. इसका उद्देश्य किसानों को उपज के बेहतर बाजार और उचित कीमत तक पहुंच बनाने में मदद करना है.
60 किसानों के परिणाम के बाद बढ़ सकता है दायरा
पहले चरण में चयनित 60 किसानों को प्रशिक्षण देने के बाद उनकी खेती के परिणाम और आर्थिक लाभ का आकलन किया जायेगा. योजना से किसानों को होने वाले फायदे के आधार पर आने वाले समय में इसका दायरा बढ़ाया जा सकता है. कृषि विभाग का लक्ष्य जिले में सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ किसानों को पारंपरिक खेती के अतिरिक्त आय के विकल्प उपलब्ध कराना है.
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