Dhanbad News : पहले प्रेमी के पास छोड़ मां चली गयी दूसरे के साथ, छेड़खानी के भय से बहनों ने छोड़ा घर

रांची में आरपीएफ ने किया रेस्क्यू, धनबाद सीडब्ल्यूसी के पास पहुंचायी गयीं बहनें, बालिका गृह में बड़ी बहन का मना जन्मदिन

By Prabhat Khabar News Desk | March 1, 2025 1:22 AM

अपनी मां द्वारा अकेला छोड़ दिये जाने और छेड़छाड़ के डर से दो मासूम बहनों को घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा. नौ और 12 साल की ये दोनों बहनें एक छोटे से बैग में कपड़े डालकर घर से निकल पड़ीं और धनबाद रेलवे स्टेशन से जो भी ट्रेन मिली, उसमें सवार हो गयी. यहां से वह रांची पहुंच गयी. वहां रांची रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने अकेली बच्चियों को देखकर उन्हें रेस्क्यू किया और प्रेमाश्रय नामक आश्रय गृह में भेज दिया. करीब पांच माह बाद पता चला कि दोनों बहनें धनबाद के पाथरडीह की हैं. इसके बाद रांची चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) ने उन्हें धनबाद सीडब्ल्यूसी के पास भेजा, शुक्रवार को इन्हें धनबाद सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत किया गया. जहां काउंसलिंग के दौरान चौंकाने वाला सच सामने आये.

मां ने लीव-इन पार्टनर के पास छोड़ दिया :

काउंसेलिंग में बच्चियों ने बताया कि उनकी मां उन्हें अपने प्रेमी के पास छोड़कर किसी अन्य व्यक्ति के साथ रहने चली गयी. मां के जाने के बाद उस व्यक्ति की उन पर बुरी नजर थी और 12 वर्षीय बच्ची के साथ छेड़छाड़ भी की गयी. इस डर से दोनों बहनों ने घर छोड़ने का फैसला किया.

पहले भी भटकती मिली थीं बच्चियां :

छानबीन में पता चला कि इससे पहले मई 2024 में दोनों बहनें बरोरा रेलवे साइडिंग में भटकती मिली थीं. तब सीडब्ल्यूसी ने उनकी मेडिकल जांच कराकर उन्हें आश्रय गृह भेज दिया था. लेकिन बाद में उनकी मां उन्हें वापस अपने साथ ले गयी थी.

दिव्यांग हैं पिता :

शुरुआत में बच्चियों ने बताया था कि उनके पिता की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन अब उन्होंने खुलासा किया कि उनके पिता जीवित हैं, लेकिन पैर से लाचार हैं. इसी कारण उनकी मां ने उन्हें छोड़ दिया और पिता के भाई के साथ रहने लगी थी. अब मां ने उन्हें भी छोड़ दिया है.

सीडब्ल्यूसी ने दिया कार्रवाई का निर्देश :

बच्चियों की आपबीती सुनने के बाद सीडब्ल्यूसी ने पुलिस को आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. फिलहाल, दोनों बहनों को आश्रय गृह में रखा गया है, जहां उनकी सुरक्षा और शिक्षा का ध्यान रखा जाएगा.

बड़ी बहन का मना जन्मदिन :

काउंसेलिंग के दौरान 12 वर्षीय बच्ची ने कहा, “अंकल! आज मेरा बर्थडे है… ” तो सीडब्ल्यूसी ने न सिर्फ उसे जन्मदिन की बधाई दी, बल्कि उससे केक भी कटवाया. इस मौके पर सीडब्ल्यूसी चेयरमैन उत्तम मुखर्जी और अन्य सदस्य डॉ मीरा सिन्हा, डॉ प्रेम कुमार, ममता अरोड़ा, संध्या सिन्हा, निखिल चंद्र मंडल व अजीत कुमार दास मौजूद थे.

कुल्टी के बच्ची धनबाद में रेस्क्यू :

धनबाद रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार आरपीएफ ने कुल्टी की बच्ची को रेस्क्यू किया है. बच्ची बाद में सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत किया गया. यहां बच्ची ने बताया कि उसके पिता उस पर कोयला चुनने के लिए दबाव बनाते हैं. इससे वह घर छोड़कर भाग आयी है.

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