छाताबाद में बढ़ा गोफ का दायरा, 40 मीटर तक पहुंचा, भराई शुरू

छाताबाद के हदहदिया काजू बागान में बना विशाल गोफ 40 मीटर तक फैल गया है, जिससे सतीबांध तालाब का पूरा पानी उसमें समा गया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल भराई कार्य शुरू कर दिया गया है, हालांकि रेतीली मिट्टी और छोटी मशीनों से काम में बाधा आ रही है. गोफ के बढ़ते दायरे से 30 कदम दूर स्थित सतीपिंड धार्मिक स्थल के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है, जिसके संरक्षण की मांग की गई है.

छाताबाद के हदहदिया काजू बागान में बुधवार शाम बने बड़े गोफ का दायरा गुरुवार को बढ़कर करीब 30 से 40 मीटर तक पहुंच गया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गोविंदपुर क्षेत्रीय प्रबंधन हरकत में आया और महाप्रबंधक सत्यकाम आनंद के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने मौके का निरीक्षण किया. प्रबंधन ने ट्रैक्टर और छोटी मशीनों की मदद से ओबीआर डालकर गोफ की भराई शुरू करा दी है. सुरक्षा के मद्देनजर गोफ स्थल की लाल फीते से घेराबंदी कर सीआइएसएफ जवानों को तैनात किया गया है.

बड़ी मशीन नहीं पहुंचने से छोटी मशीनों से हो रही भराई

मौके पर न्यू आकाशकिनारी कोलियरी के परियोजना पदाधिकारी अरविंद कुमार झा, क्षेत्रीय सुरक्षा पदाधिकारी नारायण प्रसाद, कोलियरी मैनेजर अमित कुमार, एरिया सिक्योरिटी मैनेजर शशि रंजन और क्षेत्रीय सीआइएसएफ टीम पहुंची. वार्ड दो के पार्षद मो. शाहबुद्दीन, डीसीकेएस नेता मंतोष तिवारी और सुशील कुमार सिंह भी मौजूद रहे.

बढ़ा गोफ का दायरा | Prabhat Khabar Network

गोफ तालाब के अंतिम छोर पर बना है. इसका दायरा बढ़ने के साथ सतीबांध तालाब का पूरा पानी भी गोफ में समा गया है. घटनास्थल तक बड़ी मशीनों के पहुंचने के लिए रास्ता नहीं होने के कारण फिलहाल छोटे वाहनों और मशीनों से ही भराई करायी जा रही है. इससे काम पूरा होने में समय लगने की संभावना है. वहीं, रेतीली मिट्टी लगातार भरभराकर गोफ में गिर रही है, जिससे भराई कार्य में भी परेशानी आ रही है.

तालाब का पानी सूखा, मछली पकड़ने उमड़ी भीड़

गोफ में तालाब का पानी समा जाने के बाद गुरुवार सुबह सतीबांध तालाब में पानी काफी कम हो गया. पानी कम होने पर मछलियां ऊपर तैरती दिखाई दीं, जिसके बाद आसपास के लोगों में मछली पकड़ने की होड़ मच गयी. सुबह से बड़ी संख्या में लोग तालाब में उतरकर मछलियां पकड़ते नजर आये.

स्थानीय लोगों के अनुसार, कई लोगों ने 15 से 20 किलो तक मछलियां पकड़कर घर ले गये. तालाब का पानी अचानक खत्म होने और मछलियों के आसानी से पकड़ में आने की घटना को लेकर पूरे दिन क्षेत्र में चर्चा होती रही. इस दौरान तालाब के आसपास लोगों की भीड़ भी लगी रही.

गोफ से 30 कदम दूर सतीपिंड, संरक्षण की मांग

गोफ स्थल से महज करीब 30 कदम की दूरी पर ब्राह्मण समाज का सतीपिंड स्थित है. कतरास-बाघमारा, तोपचांची, महुदा समेत आसपास के क्षेत्रों के ब्राह्मण समाज के लिए इसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल बताया जाता है. गंगा दशहरा के अवसर पर यहां समाज की महिलाएं पूजा-अर्चना करती हैं. वर्तमान में स्थल के सौंदर्यीकरण का काम भी चल रहा है.

गोफ का दायरा बढ़ने के बाद सतीपिंड के अस्तित्व पर भी खतरा मंडराने लगा है. समाज के चंद्रशेखर पांडे ने क्षेत्र के जीएम सत्यकाम आनंद से मुलाकात कर सतीपिंड को बचाने और इसके संरक्षण की मांग की. जीएम ने स्थल के संरक्षण को लेकर उचित पहल करने का आश्वासन दिया.

आबादी दूर, फिर भी ग्रामीणों में भय

गोफ स्थल से आबादी वाला क्षेत्र कुछ दूरी पर है, लेकिन इसके लगातार बढ़ते दायरे से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गयी है. जमीन के लगातार धंसने और रेतीली मिट्टी के भरभराकर गिरने से खतरा बरकरार है. गोफ में समाया पानी न्यू आकाशकिनारी के हायर्ड पेच और खदान के जरिये निकलने की संभावना भी स्थानीय लोग जता रहे हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहले हुई घटनाओं को देखते हुए वे जमीन की स्थिति को लेकर आशंकित हैं. कुछ ग्रामीणों ने गोफ के पीछे क्षेत्र में हुए कथित अवैध खनन की आशंका भी जतायी है. बताया गया कि भय के कारण एक-दो परिवार दूसरे स्थान पर जाने की तैयारी कर रहे हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन और प्रबंधन से पूरे मामले की जांच कराने तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है.

क्या कहते हैं जीएम

जायजा लेते जीएम | Prabhat Khabar Network

गोविंदपुर क्षेत्र के जीएम सत्यकाम आनंद ने बताया कि गोफ की भराई का काम युद्ध स्तर पर शुरू करा दिया गया है. घटनास्थल तक बड़ी मशीन पहुंचने का रास्ता नहीं होने के कारण छोटी मशीनों से काम कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अवैध खनन हुआ है और आसपास के लोगों को पहले ही नोटिस दिया जा चुका है. सुरक्षा के मद्देनजर लगातार निगरानी की जा रही है.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Kamdeo singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >