बीमारी के नाम पर छुट्टी लेने और मेडिकल प्रमाणपत्र जमा करने में हो रही अनियमितताओं पर बीसीसीएल ने सख्ती शुरू कर दी है. कंपनी प्रबंधन की ओर से जारी सूचना में कर्मचारियों को सिक लीव लेने की प्रक्रिया का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया है. यह निर्देश कोल इंडिया के 11 फरवरी 2021 के अवकाश संबंधी दिशा-निर्देश के आधार पर जारी किया गया है. निर्देश के अनुसार कर्मचारी अधिकतम तीन दिनों तक बिना मेडिकल प्रमाणपत्र के सिक लीव ले सकते हैं, बशर्ते उसके खाते में पर्याप्त सिक लीव उपलब्ध हो. तीन दिन से अधिक बीमारी के कारण अनुपस्थित रहने पर निर्धारित नियमों के अनुसार मेडिकल प्रमाणपत्र देना अनिवार्य होगा.
बीमारी के कारण अनुपस्थित रहने मात्र से छुट्टी स्वत: स्वीकृत नहीं मानी जायेगी
सूचना में स्पष्ट किया गया है कि केवल मेडिकल प्रमाणपत्र जमा कर देने या बीमारी के कारण अनुपस्थित रहने मात्र से छुट्टी स्वत: स्वीकृत नहीं मानी जायेगी. सिक लीव सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के अधीन होगी. बीमारी के कारण अनुपस्थित होने वाले कर्मचारी को अपने संबंधित रिपोर्टिंग अधिकारी या विभाग को सूचना देने के साथ निर्धारित समय के भीतर अवकाश आवेदन और आवश्यक मेडिकल प्रमाणपत्र जमा करना होगा.
आवेदन स्वीकृत नहीं, तो मानी जा सकती है अनधिकृत अनुपस्थिति
बीसीसीएल ने कर्मचारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि उनका अवकाश आवेदन विधिवत प्रस्तुत और स्वीकृत हो. ऐसा नहीं होने पर अनुपस्थिति को अनधिकृत अनुपस्थिति माना जा सकता है. सिक लीव और मेडिकल प्रमाणपत्र से संबंधित किसी भी तरह की अनियमितता सामने आने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ बीसीसीएल के प्रचलित स्थायी आदेश के तहत आवश्यक कार्रवाई की जायेगी. कंपनी ने सभी कर्मचारियों से अवकाश संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है.
