Dhanbad News: माता-पिता, गुरुजनों की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म : कृष्ण शास्त्री

Dhanbad News: जुनकुंदर में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के अंतिम दिन उत्तम कृष्ण शास्त्री ने एकादश रुद्र अवतार, हनुमंत अवतार का प्रसंग सुनाया.

जुनकूदर में प्रवचन सुनते लोग. Dhanbad News: धर्म उत्थान समिति की ओर से जुनकुंदर ब्रह्मस्थान स्थित मंगल मूर्ति धाम में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के अंतिम दिन मंगलवार को कथा वाचक उत्तम कृष्ण शास्त्री ने एकादश रुद्र अवतार, हनुमंत अवतार का प्रसंग सुनाया. कहा कि भगवान विष्णु के मोहिनी रूप को देखकर माता अंजना ने उसे धारण किया. उसी से हनुमान जी का अवतार हुआ. भगवान शिव श्रीराम की सेवा करना चाहते थे. आज लोग सेवा से दूर भागते हैं. उन्होंने कहा कि माता-पिता व गुरुजनों की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है.

आचार्यों ने कराया पूजन

मौके पर अयोध्या से राघव प्रपन्ना जी महाराज, रासबिहारी, नरोत्तम जी शामिल हुए. मुख्य यजमान राजेश्वर साव, पत्नी रेणु देवी थे. आचार्य मनीष शर्मा ने पूजन कराया. मौके पर आचार्य मधूसुदन तिवारी, मनीष शर्मा, पुजारी रितेश पांडेय, अध्यक्ष चंद्रदेव यादव, उपाध्यक्ष भरत सिंह, एसीबी के एचआर संजय सिन्हा, आरके हेड रवि नायर, वरिष्ठ नेता अशोक मंडल, भाजपा नेता जयप्रकाश सिंह, एचआर मनोज शर्मा, एस मुखर्जी, मानव सेवा परिवार के मंजू अग्रवाल, निरंजन अग्रवाल, निरंजन यादव, गुड्डू सिंह, रिंटू पाठक, राजू चौहान, इंद्रदेव प्रसाद, वीरेंद्र अटल, भोला चौहान, पप्पू शर्मा, दनोज ठाकुर, मंटू ठाकुर, शैलेश सिंह, रामप्रवेश ठाकुर, अरुण मोदी, मटरु अग्रवाल, दिलीप सिंह, वीरु राय, रवि महतो आदि थे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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